- जिले के तराई इलाके में बाढ़ की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना
- बाढ़ क्षेत्र में तैनात किए गए 38 डॉक्टर और 143 स्वास्थ्य कर्मचारी
जिले में बाढ़ की दस्तक हो चुकी है। शारदा नदी के उफना जाने से दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। बाढ़ के प्रकोप से बचने के लिए ग्रामीण गांव छोड़ने के लिए मजबूर हैं। जलभराव होने से इन गांवों में बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी बढ़ने लगी है। जिसको लेकर जिले का सेहत महकमा भी चौकन्ना हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित तहसीलों में 47 स्वास्थ्य शिविर बनाए हैं। जिसमें 38 प्रभारियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के 143 कर्मचारियों को तैनाती कर दी है।
सीएमओ डॉ.जावेद अहमद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ब्लाक नकहा में जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केवलपुरवा एवं अशोगापुर, खानीपुर, चकई, मझरा बड़ागांव एवं निरीक्षण भवन शारदा बैराज, ब्लाक फूलबेहड़ के मीलपुरवा, खमरिया, सिसौरा, नरहर, ग्रंट नंबर 12 श्रीनगर, ब्लाक मोहम्मदी के बरवर, उचौलिया, निघासन में तहसील परिसर सहित प्राथमिक विद्यालय अदलाबाद, मिर्जागंज एवं सामुदायिक भवन रकेहटी, बैलहा, उच्च प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरवा, लालपुर, रामाधीन इंटर कालेज बम्हनपुर, गांधी विद्यालय बेलरायां, मैरिज हॉल सिंगाही कला, मंडी समिति तिकोनिया, प्राथमिक पाठशाला खैरीगढ़ एवं कड़िया, ब्लाक रमियाबेहड़ में प्राइमरी पाठशाला ढखेरवा नानकार मझरा पूरब साइफान पर, कफारा प्राइमरी पाठशाला भूलनपुर, ब्लाक धौरहरा के तहसील मुख्यालय सहित हरदी, चकलाखीपुर, सिसैया चौराहा, उंचगावं, बसढ़िया चौराहा, ईसानगर में ब्लाक मुख्यालय सहित हरनपुर कटौली, गोला (कुम्भी) में अलीगंज, मैलानी, बिजुआ, देवरिया रड़ा पूजा आषाणी, भीरा पलिया में संपूर्णानगर, बम नगर, महंगापुर, पटिहन, मरौंचा, पलिया, नौगवां, मिलिनिया, छेदिया पूरब, चंदन चौकी में स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि इन पर 38 बाढ़ चौकी प्रभारी और 143 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है। जिससे बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके और इन्हें बीमारियों से बचाया जा सके।