लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल के न्यू चाइल्ड केयर वार्ड में दो दिन पूर्व भर्ती हुई नवजात को ले जाने वाले उसका पिता था या फिर कोई और इस बारे में महिला अस्पताल प्रशासन अंजान है। वार्ड जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम यह रहा कि न तो बच्ची के भर्ती होने की सूचना सीएमएस को दी और न ही उसके वार्ड से जाने की। जबकि बताते हैं कि बच्ची को ले जाने से पहले वार्ड स्टाफ को प्रलोभन का भी लालच दिया गया।
बता दें कि न्यू चाइल्ड केयर यूनिट वार्ड के रिकार्ड के अनुसार 28 अप्रैल को बच्ची का जन्म हुआ और 30 मई को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती कराने के दौरान उसके पिता का नाम राजेश बताकर भर्ती फार्म पर शिवपाल लिखाया गया। वार्ड के लोगों का कहना है कि दो लोग बच्ची को भर्ती कराने के लिए लेकर आए थे और उन्होंने एक निजी अस्पताल से लाने की बात बताई थी। बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे वार्ड में भर्ती कर लिया गया। बताते हैं कि मंगलवार रात करीब नौ बजे राम नरायन मिश्रा नाम का एक युवक वार्ड में पहुंचा, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने सिर्फ घरवालों को ही रुकने की इजाजत देते हुए उसे बाहर कर दिया, जिसके बाद कोई भी दो दिन की बच्ची की सुध लेने नहीं पहुंचा। बुधवार सुबह करीब दस बजे तक जब कोई वार्ड में बच्ची के लिए नहीं पहुंचा तो स्टाफ ने भर्ती स्लिप पर लिखे नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना देने की बात कही तो तीन लोग बच्ची को लेने वार्ड पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन ने रामनरायन मिश्र निवासी हाथीपुर, शिवपाल निवासी मुड़िया खेड़ा और मुडियाखेड़ा के प्रधान प्रमोद कुमार की सुपुर्दगी में दे दिया। इन लोगों के जो नंबर लिखाए गए, वह नहीं लग रहे हैं। इससे यह भी स्पष्ट नहीं है कि जो नाम लिखे हैं, वह सही हैं अथवा गलत। क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने किसी की कोई आईडी लगाने तक की जरूरत नहीं महसूस की।
बच्ची के भर्ती और डिस्चार्ज होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ था तो वार्ड के जिम्मेदारों को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। जिम्मेदारों से इसके लिए जवाब तलब किया जाएगा।
-डॉ. मीरा वर्मा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
बच्ची के मामले के बारे में जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो जांच कराई जाएगी।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
बच्चे के भर्ती होने के 24 घंटे तक यदि परिवार का कोई सदस्य देखरेख के लिए मौजूद नहीं होता है, तभी पुलिस को जानकारी दी जाती है, जिन्होंने भर्ती कराया था वही लेने आए थे। इसलिए सुपुर्द कर दिया गया।
- डॉ. अजय कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ
न्यू चाइल्ड केयर यूनिट