सड़कों के किनारे भवन निर्माण सामग्री लगाना और घर का मलबा गली आदि में डालना अब महंगा पड़ेगा। एनजीटी की सख्ती के बाद पालिका ने भवन निर्माण सामग्री बिक्री करने वालों सहित सड़क पर मलबा डालने वाले गृह स्वामियों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। पालिका प्रशासन ने न्यूनतम जुर्माने की राशि एक हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित की है।
भवन निर्माण सामग्री बेचने वाले सड़कों पर ही मौरंग, बालू, गिट्टी आदि लगवा लेते हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनने के साथ सड़कों की गुणवत्ता को भी प्रभावित करते हैं। वहीं भवन स्वामी गृहनिर्माण कराते समय घर का मलबा भी गली और सड़क पर लगा देते हैं, जिससे नालियां चोक हो जाती हैं, जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
न्यूनतम एक हजार होगी जुर्माने की राशि
पालिका के सफाई निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि जुर्माने की न्यूनतम राशि एक हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। जबकि अधिकतम पांच हजार रुपये होगी। उन्होंने बताया कि पहले लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी और फिर उसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
सफाई कर्मचारी करेंगे मुखबरी
किस मोहल्ले में किसका मलबा गली में डाला गया है या फिर किस दुकानदार ने भवन निर्माण सामग्री रोड पर फैला रखी है। इसकी सूचना सफाई कर्मचारी देंगे। जिससे पालिका की टीम उनका चालान काट सके।
घर का मलबा हो या फिर भवन निर्माण सामग्री। यदि यह सब रोड पर पड़ा मिला तो संबंधित के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। न्यूनतम जुर्माना एक हजार और अधिकतम जुर्माना पांच हजार रूपये प्रतिदिन निर्धारित है।
- अखिलेश त्रिपाठी, ईओ पालिका लखीमपुर खीरी