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बुखार से तीन बच्चों समेत चार की मौत
चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए छह और बुखार पीड़ितबच्चे
जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी
पिछले सात दिन में हो चुकी है 15 बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार का कहर अभी थमा नहीं है। तीन बच्चों समेत चार लोगों की बुखार ने जान ले ली।
मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे बुखार पीड़ित तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। इससे पिछले सात दिन में बच्चों की मौत का आंकड़ा 15 हो गया। बुखार आने पर गांव मूड़ा निवासी कादिर तीन वर्षीय पुत्र शमी, बाबागंज निवासी सुनील पांच वर्षीय पुत्री नेहा एवं कंचनपुर निवासी कमलेश चार वर्षीय पुत्री मान्या को लेकर मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अमीरनगर कस्बा क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी तौहीद खां की 15 वर्षीय पुत्री फिजा की बुखार से जान चली गई।
इससे पहले पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या 11 हो गई। बुखार से मरने वाले बच्चों में 13 वर्षीय मुस्कान, दस वर्षीय राजू, छह माह की मन्येषा, दस वर्षीय गोदा उर्फ गुड्डी, 14 वर्षीय काजल, दो वर्षीय रफीक,दो वर्षीय परी एवं पांच वर्षीय जुबेर शामिल हैं। सीएमएस डॉ.आरके वर्मा का कहना है कि इमरजेंसी में बच्चों के मृत घोषित होने की जानकारी नहीं है। रही बात अन्य बच्चों की तो उनकी जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
अमीरनगर। कस्बा क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी तौहीद खां ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री फिजा को 3 दिन पहले बुखार आया था, जिसे घरवालों ने गांव में ही दवा दिलवाई थी, लेकिन सुधार न होने पर उसे शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन जहां के डॉक्टरों ने उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया। मंगलवार को फिजा को बरेली ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। बता दें कि 6 अगस्त को परसपुर गांव निवासी तोताराम की 13 वर्षीय पुत्री ममता की भी बुखार आने से मौत हो गई थी।
हर रोज बढ़ रही मरीजों की संख्या
सभी सीएचसी और पीएचसी के साथ जिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। सब से अधिक मरीज बुखार और डायरिया के मिल रहे हैं। यही वजह है कि जिला अस्पताल के दो दिन के आंकड़ों के अनुसार ओपीड़ी में हर रोज दो हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
बारिश के बाद होने वाले जलभराव एवं गंदगी के कारण दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सिरदर्द, बुखार, डायरिया और खांसी की चपेट आकर लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को जहां 2247 पर्चे बने वहीं मंगलवार को 2064 मरीज आए। पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर कक्ष एवं दवा वितरण काउंटर तक मरीजों की लंबी लाइन लग रही है।
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दो सौ से अधिक बीमार बच्चे पहुंचे अस्पताल
खासकर बच्चों के लिए यह मौसम मुसीबत बन रहा है। मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से बच्चे बुखार, डायरिया आदि की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल में आने वाले बीमारों में बच्चों की संख्या अधिक है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आरपी वर्मा ने बताया दो से ढाई सौ बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। घर में साफ सफाई रखें, बच्चों के खान पान पर भी विशेष ध्यान रखें, बाहर की खुली हुई चीजें बिलकुल न खाएं, ताजा बना हुआ ही भोजन लें। बुखार आदि आने पर अपने आप दवा न देकर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं।
भिर्ती हुए छह बच्चे
चिल्ड्रन वार्ड में मंगलवार को पलिया के पतवारा निवासी राम आसरे ने सात वर्षीय पुत्र आशीष कुमार, होलापुरवा निवासी सकटू ने पांच वर्षीय पुत्री काजल, ओयल निवासी विनय ने नौ वर्षीय पुत्र अंकेश, गुलरिया निवासी अब्दुल रजा ने आठ माह की पुत्री अयात, संपूर्णानगर निवासी सतेंद्र कुमार ने तीन वर्षीय पुत्र आनंद एवं बेल्होरा निवासी राकेश कुमार ने 11 वर्षीय पुत्री कोमल को बुखार आने पर चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया।
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बुखार से पीड़ित 90 मरीज पहुंचे सीएचसी
धौरहरा। सीएचसी धौरहरा क्षेत्र के कई गांवों में बुखार का कहर जारी है। इससे पीड़ित लोग रोजाना सीएचसी पहुंच पहुंच रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक आरआर वर्मा का कहना है कि इस समय रोजाना पांच से छह सौ मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को करीब 90 बुखार पीड़ित देखे गए।