सत्यापन में 16 हजार क्विंटल गेहूं नहीं मिला
पीसीएफ के क्रय केंद्रों से 19 हजार क्विंटल गेहूं गायब होने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं से 19006 क्विंटल गेहूं की डिलीवरी एफसीआई में न किए जाने के मामले में डीएम ने जांच कराई है, जिसमें चार क्रय केंद्रों पर करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं मिलने की बात सामने आई है। जबकि 16 हजार क्विंटल गेहूं (कीमत 2.80 करोड़) के बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चला है, जिसको लेकर जिला प्रबंधक समेत केंद्र प्रभारी के बयान दर्ज कराए गए हैं। अधिकारियों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने के संकेत दिए हैं। अभी डीएम की ओर से निर्देश मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
रवी विपणन वर्ष 2018-19 में सरकारी एजेंसियों ने लक्ष्य दो लाख सात सौ मीट्रिक टन के सापेक्ष दो लाख दो हजार 72 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। किसानों से गेहूं खरीद 15 जून 2018 को बंद हो गई थी, इसके बाद पीसीएफ को छोड़कर अन्य एजेंसियों ने खरीदे गेहूं की डिलीवरी केंद्रीय पूल की एजेंसी एफसीआई को कर दी थी। पीसीएफ ने 19006 क्विंटल गेहूं की डिलीवरी एफसीआई में नहीं की है। मामला तूल पकड़ने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पीसीएफ के क्रय केंद्रों की जांच के आदेश दिए थे। डिलीवरी करने को शेष 19006 क्विंटल गेहूं की कुल कीमत तीन करोड़ 32 लाख 60 हजार 500 रुपये है, जबकि किसानों का 300 लाख (तीन करोड़) रुपये भुगतान भी पीसीएफ पर बकाया है। अधिकारी भी मानने लगे हैं कि क्रय केंद्रों पर भी 16 हजार क्विंटल गेहूं उपलब्ध नहीं है और इसके मिलने की भी उम्मीद नहीं है। ऐसे में अधिकारियों के सामने एफआईआर दर्ज कराना ही एकमात्र विकल्प है।
एएमओ और नायब तहसीलदार ने की जांच
पीसीएफ ने 109 क्रय केन्द्रों के माध्यम से एक लाख पांच हजार 406 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। एफसीआई को डिलीवर न किए गए 19006 क्विंटल गेहूं 39 क्रय केंद्रों का बताया गया था। डीएम ने इसकी जांच के लिए दो तरह की टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एएमओ) और नायब तहसीलदार को शामिल किया गया है, जिन्होंने क्रय केंद्रों की जांच में सिर्फ चार क्रय केंद्रों पर करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं मिलने की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी है। दूसरी टीम एआर कोआपरेटिव मंगल सिंह के नेतृत्व में बनाई गई, जिसमें एडीसीओ और जिला प्रबंधक पीसीएफ को शामिल किया गया।
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पीसीएफ ने करीब 19 हजार क्विंटल गेहूं का उतार एफसीआई डिपो में नहीं कराया है, जिसकी जांच कराई गई है। जांच में सिर्फ तीन हजार क्विंटल (300 एमटी) गेहूं मिला है। शेष 16 हजार क्विंटल गेहूं का पता नहीं चला है। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी, जिसके बाद निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण कुमार सिंह, एडीएम/जिला खरीद अधिकारी