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निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों ने रखी हड़ताल

Tue, 27 Mar 2018 08:26 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
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Protest
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विद्युत वितरण के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार करते हुए धरना दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिले भर के बिजली अभियंता और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने इकट्ठा होकर जोरदार धरना जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें लखीमपुर और गोला डिवीजनों के कर्मचारी शामिल रहे।

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शहरों में सरकारी कंपनियां मुनाफा दे रही हैं, जबकि आगरा में निजीकरण के बाद आठ वर्षों में पॉवर कारपोरेशन को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह कितनी बड़ी विडंबना है कि प्रदेश सरकार ने मुनाफा कमाने वाले शहरों का आगरा की तरह निजीकरण करने का फैसला लिया है। जहां निजीकरण के चलते पॉवर कारपोरेशन को 100 अरब का चूना लग चुका है।
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि व्यापक जनहित में निजीकरण के विरुद्ध किए जा रहे संघर्ष को आम जनता के बीच लाया जाएगा और जनता को निजीकरण के सच से अवगत कराया जाएगा। संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने बताया कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन और सरकार बिजली के निजीकरण को लेकर अनावश्यक टकराव का वातावरण बना रहे हैं। समिति ने चेतावनी दी कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि किसी कर्मचारी या अभियंता का उत्पीड़न किया गया तो कर्मचारी और अभियंता कोई अन्य नोटिस दिए बिना उसी समय से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। कहा कि यदि सरकार हठवादी रवैया नहीं छोड़ती तो आंदोलन और तीव्र होगा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति में अभियंता संघ, जूनियर इंजीनियर संघ, तकनीकी कर्मचारी एकता संघ और कार्यालय सहायक संघ शामिल हैं। धरना प्रदर्शन में उमेश चंद्र सोनकर, प्रदीप कुमार वर्मा, आरडी यादव, एमएम सरन, महेंद्र कुमार, डीके यादव, हरिओम, सर्वेश कुमार, मनोज पुष्कर, अतेंद्र कुमार, भूपेंद्र कुमार आदि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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