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गोला नगर के बाहर बनेगा पीएम हाउस

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लखीमपुर खीर।
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गोला नगर की आबादी के बीच बना पोस्टमार्टम हाउस मोहल्लेवासियों के विरोध के कारण चालू नहीं हो सका था। वहीं किसी हादसे में होने वाली मौतों के कारण जिला मुख्यालय तक पोस्टमार्टम के लिए भागने की पीड़ा को समझते हुए भाजपा विधायक अरविंद गिरि ने गोला नगर से बाहर पोस्टमार्टम हाउस बनाने का मसौदा तैयार करा दिया है। इससे मोहल्ला मुन्नूगंज में पीएचसी के पास रहने वाले लोगों सहित पूरे इलाके के लिए यह अच्छी खबर है। भाजपा विधायक ने पोस्टमार्टम हाउस से मोहल्ले वालों की दिक्क्तों को देखते हुए इसका निर्माण शहर के बाहर किए जाने के शुरू कर दिए हैं। इसके लिए तहसील प्रशासन ने लखीमपुर रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास जमीन भी चिन्हित कर ली है।
जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम हाउस होने के कारण गोला, मोहम्मदी में सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार होने वाले के शवों को उनके घरवालों को पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर आना पड़ता था, जिससे घरवालों को शारीरिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हालांकि इसके लिए कुछ साल पहले मोहम्मदी रोड स्थित पीएचसी परिसर में पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कराया गया था, लेकिन बनने के बाद इसके शुरू होने की नौबत ही न आ सकी। निर्माण के दौरान से ही मोहल्ले के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके चलते अभी तक यह चालू नहीं हो सका।
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मोहल्ले के लोगों की दिक्कतों को देखते हुए विधायक अरविंद गिरि ने पोस्टमार्टम शहर के बाहर बनाए जाने के लिए पहल की, जिस पर तहसील प्रशासन ने लखीमपुर रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास जमीन भी चिन्हित कर ली है। अत: सिर्फ चिन्हित जमीन का स्वास्थ्य विभाग के नाम होना बाकी है। विधायक ने निर्माण के लिए धनराशि देने की भी बात कही है।

जमीन चिन्हित कर ली गई है, जिसे स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर करने की कवायद चल रही है। जमीन ट्रांसफर होने के बाद पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण शुरू पाएगा।
- योगानंद पांडे, एसडीएम गोला

गोला शहर के बाहर पोस्टमार्टम के लिए जमीन चिन्हित हुई है। जमीन हमारे विभाग के नाम ट्रांसफर होने की देरी है। विभाग के नाम जमीन आते ही निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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- डॉ. जावेद अहमद सीएमओ

नगर में पोस्टमार्टम होने से पीड़ितों को देगा राहत
भगवान न करे कभी कोई हादसा हो, क्योंकि हादसे के बाद इलाके के लोगों को अपने की लाश जिला मुख्यालय पर ले जानी पड़ती है, जिससे उन्हें पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार के साथ देरी होने पर अगले दिन अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ऐसे में अगर नगर के बाहर पोस्टमार्टम होगा तो पीड़ितों को जहां जिला मुख्यालय तक भागमभाग नहीं करनी पड़ेगी, वहीं शव की भी दुर्गति नहीं होगी।
- अरविंद गिरि, विधायक
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