कठिना नदी के पास गन्ने के खेतों में बीते 12 दिनों से घूम रहे बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है। अशर्फीगंज के युवक को निवाला बनाने वाला बाघ आसपास ही मौजूद है। इससे ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई है। बाघ के पग चिन्ह भी बिहारीपुर फार्म के दक्षिण खेतों में बने मिले हैं।
बताते चलें कि बीती 21 अक्तूबर को अशर्फीगंज के युवक लालाराम वर्मा (22)को बाघ ने हमला कर मार डाला था। तभी से खूनी बाघ नयागांव, पन्नापुर, लीलापुर, रम्मापुर, भदैय्या, बिहारीपुर फार्म के आसपास गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बनाए हुए है। बिहारीपुर के राजपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, अमरजीत सिंह, अरविंद सिंह, हरविंदर सिंह, चरनपाल सिंह आदि ने फार्म के दक्षिण कठिना नदी के दहौराघाट पर बाघ को कैमरे के सामने खेत में टहलते देखा, जिसके खेत में पगचिन्ह भी मिले हैं। बाघ को देखते ही युवकों में भगदड़ मच गई।
निगरानी में लगी वनकर्मियों की टीम और रेंजर एसएन यादव जब तक वहां पहुंचे तब तक बाघ गन्ने में ओझल हो चुका था। रेंजर ने बताया कि बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है, यह वही बाघ है जिसने लालाराम को मार गिराया था। रेंजर ने कैमरे में बाघ की कैद हुई तस्वीर को देने से मना करते हुए कहा कि डीएफओ समीर कुमार और डब्लूडब्लूएफ के अधिकारियों ने पाबंदी लगाई है। हालांकि रेंजर ने बाघ की निगरानी में लगी वनकर्मियों की टीम को सावधानी बरतने और क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भुइयां देवी मेले पर पड़ेगा बाघ का असर
जिस स्थान पर बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है, वहां से माता भुइयां देवी मंदिर बिहारीपुर फार्म, सुभाषनगर की दूरी एक किमी है। श्रद्धालुओं ने माता भुइयां देवी के मंदिर जाना बंद कर दिया है। मंदिर कमेटी के राजपाल सिंह, हरविंदर सिंह का कहना है कि बाघ का आतंक इसी तरह रहा तो इसका प्रभाव अगहन सुदी पंचमी को मंदिर पर लगने वाले मेले पर पड़ सकता है।
जंगली जानवर के हमले में छह घायल
गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली क्षेत्र के कस्बा अलीगंज में शुक्रवार देर शाम किसी जंगली जानवर ने हमला कर कस्बे की महिला समेत छह लोगों को घायल कर दिया। जंगली जानवर के हमला करने से क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। लोग घायलों को सीएचसी ले गए जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीरावस्था में एक बालक को जिला अस्पताल रेफर किया है।
कस्बे में शुक्रवार की शाम कस्बा निवासी जगतपाल का पुत्र आनंद कुमार (16) लघुशंका के लिए घर से बाहर आया, तभी केले के पेड़ों के झुरमुट की ओर से किसी जंगली पशु ने उस पर हमला कर दिया। चीख सुनकर जगतपाल की पत्नी सुखरानी बाहर आई तो पशु ने उसे भी घायल कर दिया। वहीं दुकान बंद कर घर जा रहे कसबा निवासी मोहम्मद जलील (30), श्रीकृष्ण की पत्नी समकोरा (60), जगदीश की पत्नी सुमित्रा (50)को भी घायल कर दिया। वहीं कस्बे के निकट लखवीर सिंह के बघौड़ा फार्म पर काम करने वाले चांट फिरोजपुर, पूरनपुर निवासी दीपक (14) पर हमला कर घायल कर दिया।
कस्बे में शाम को जंगली जानवर के हमले की घटना से अफरातफरी मच गई। विनीत पांडे, बाबूलाल, अब्दुल हमीद, मोहम्मद इसरार और घायलों के परिवार वाले निजी वाहनों से घायलों को लेकर सीएचसी आए, जहां डॉक्टर राजेंद्र कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद आनंद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वन दरोगा अनुज रंजन ने बताया कि पागल सियार ने कस्बा निवासी जगतपाल की पत्नी सुखरानी, उसके पुत्र आनंद कुमार पर हमला किया, उसकी जानकारी उन्हें हुई है। रात में ही उन्होंने वनकर्मियों के साथ जाकर मौका मुआइना किया है।