लखीमपुर खीरी/ पलियाकलां।
दुधवा नेशनल पार्क 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खुल जाएगा। पर्यटकों के स्वागत और भ्रमण के लिए की जाने वाली तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि इस बार कोई खास परिवर्तन नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बार कर्नाटक से लाए जा रहे 12 हाथी सैलानियों को जरूर आकर्षित करेंगे।
दुधवा नेशनल पार्क का नवीन सत्र 15 नवंबर को शुरू होना है। पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले ही दुधवा में इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पार्क के द्वार खुलने का दुधवा के गाइड, जिप्सी चालक आदि बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
गैंडे और बारहसिंघा भी होंगे सैलानियों के लिए आकर्षण
नवीन पर्यटन सत्र में हर बार की तरह इस बार भी गैंडे और बारहसिंघा भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके साथ विदेशी प्रजाति के पक्षी भी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर सकते हैं।
इस बार भी जांच के बाद भीतर जाएंगे सैलानी
पिछली बार की तरह इस बार भी सैलानी पार्क के भीतर जांच के बाद ही जा सकेंगे। दुधवा पर्यटन गेट पर बनी चौकी पर सैलानियों की जांच होगी, जबकि सठियाना जाने वाले सैलानी भी बनी चौकी पर जांच के बाद ही अंदर जा सकेंगे।
नेचर गाइडों को बांटी गई दूरबीन
पलिया। दुधवा के नेचर गाइडों को दूरबीन का वितरण किया गया। नेचर कंवर्जेशन एवं इको फाउंडेशन एवं वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट की तरफ से यह आयोजन किया गया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने कहा कि हमारी कोशिश यही रहती है कि दुधवा पर्यटन में जितना हो सके स्थानीय लोगों का जुड़ाव हो। इसी उद्देश्य के साथ काम किया जा रहा है। इसी वजह से यहां पर काम करने वाले नेचर गाइड कहीं बाहर से नहीं लाए गए बल्कि वे स्थानीय ही हैं। फाउंडेशन अध्यक्ष मो. नसीम, सचिव लीलाधर सोनू ने बताया कि इस तरह का आयोजन दुधवा में पहली बार हुआ है। डीडी ने आश्वासन दिया कि नेचर गाइड की सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ नार्थ खीरी अनिल पटेल, एसडीओ दुधवा डीके चतुर्वेदी, एसडीओ बेलरायां, अशोक कश्यप, शनीफा खान, नेहा, रीति, सुलोचना, अनिरूपा, शिव कुमार, धनीराम, अनीस खान, रासलाल आदि मौजूद रहे।