हाल ही में हुए अध्यक्ष पद के उपचुनाव में नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत की पहली बैठक बुधवार को जिला पंचायत सभागार में हुई। बैठक में जिला पंचायत की आय बढ़ाने, बकाया वसूली में तेजी लाने और विकास कार्यों को तेज करने पर सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की।
बैठक में जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए कर, लाइसेंस और किराया वसूली की धीमी गति पर सदस्यों ने असंतोष जताया। जिला पंचायत सदस्य सूरज सिंह ने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को दंडित किया जाए। आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार सामग्री, मतस्य आखेट, नदियों में जले अधजले शवों के निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में जिला पंचायत की परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए विमलेश कुमार ने सदन में प्रस्ताव रखा, जिस पर सदन ने निर्णय लिया कि ऐसी भूमियों को चिह्नित कर आवश्यकतानुसार दुकान, बारातघर बनाया जाए। साथ ही राज्य वित्त आयोग व मनरेगा की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सदस्य सत्यराम वर्मा ने बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सदन को अवगत कराया कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय अलग है। मुख्य विकास अधिकारी ने सदन को आश्वासन दिया कि जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर चर्चा की गई। सदस्यों ने अधिशासी अभियंता से कहा कि आज तक जिला पंचायत सदस्यों का कोई प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल नहीं की गई। मुख्य विकास अधिकारी अमित सिंह बंसल बोले कि पीएमजीएसवाई योजना की गाइडलाइन के अनुसार आप लोग प्रस्ताव दें, उसे कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह ने सदन को आश्वस्त किया कि जिला पंचायत के सदस्य सर्वोपरि हैं। जिला पंचायत के हित में जो भी उचित कार्य होगा, किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि कर, लाइसेंस व किराये की वसूली और निर्माण कार्यो की समयबद्धता के लिए अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित कर दिया है। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने किया।
बैठक में दिलीप यादव, महेंद्र सिंह, सर्वेश सिंह, मनीषा कटारिया, सुनीता गौतम आदि सदस्य और विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि बैठक में कोई सांसद और विधायक मौजूद नहीं रहा।