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किसान ने गुस्से में फाड़ा ऋण मोचन प्रमाण पत्र

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किसान ने गुस्से में फाड़ा ऋण मोचन प्रमाण पत्र - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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निघासन।
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80 हजार में सिर्फ 637 रुपये माफ होने से नाराज गांव सरपतहा निवासी एक किसान ने ऋण मोचन प्रमाण पत्र को कार्यक्रम स्थल पर ही फाड़ दिया। किसान के ऋण मोचन प्रमाण पत्र फाड़ने से वहां पर हड़कंप मच गया। इसके बाद नाराज होकर किसान वहां से चला गया।
किसानों को कर्ज माफी के नाम पर छला जा रहा है। गांव सरपतहा निवासी किसान माता प्रसाद ने बताया कि उसने पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा झंडी से तीन साल पहले करीब 80 हजार रुपये का फसली कर्ज लिया था। प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद उसे ऋण माफी की उम्मीद जागी थी। सोमवार को ऋण मोचन शिविर में वह खुशी मन से वहां पहुंचा और ऋण मोचन प्रमाण पत्र पाने के लिए भीड़ में खड़ा हो गया। उसे जब ऋण मोचन का प्रमाण पत्र देखा तो वह तिलमिला गया और उसने गुस्से में आकर प्रमाण पत्र फाड़ दिया। उसने कहा कि जिन किसानों ने पलटा आदि करके बैंक में अच्छा काम किया उस किसान का ही कर्ज माफ नहीं हुआ। जिस किसान ने कर्ज लेने के बाद सालों तक ब्याज व मूलधन आदि नहीं जमा किया उनका कर्जा पूरा माफ कर दिया गया। ऐसी स्थिति में किसान को कर्ज लेने के बाद जमा ही नहीं करना चाहिए और कर्ज माफी का इंतजार करना चाहिए। इसी कड़ी में गांव दुर्गापुरवा निवासी मंगली का भी 80 हजार रुपये में 102 रुपये ही माफ हुए हैं।
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विधायक ने बांटे ऋण मोचन प्रमाण पत्र
निघासन।
जिला पंचायत इंटर कॉलेज में ऋण मोचन कार्यक्रम हुआ जिसमें विधायक रामकुमार वर्मा ने ऋण मोचन प्रमाण पत्र देकर उसके बारे में लोगों को जानकारी दी। हालांकि प्रचार-प्रसार न होने के कारण बहुत कम किसान ही कार्यक्रम में पहुंच सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामकुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना भेदभाव के सभी किसानों का ऋण माफ किया है। पहले चरण में तहसील क्षेत्र के करीब दो हजार किसानों को प्रमाण पत्र दिया गया है। एसडीएम अखिलेश यादव, क्रय विक्रय समिति अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी, दयाशंकर मौर्य, विनोद लोधी आदि ने भी ऋण संबंधी जानकारी दी। इस दौरान तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, बम्हनपुर, झंडी तारानगर, छेदुई पतिया आदि बैंकों ने करीब दो हजार किसानों को प्रमाण पत्र दिए। विधायक रामकुमार ने जसंवत, सूरज, भिखारी, मैकूलाल, पलक धारी, रामचंद्र, जीतू, सुसुफ, सिंघरे, बैजनाथ, भारत, कैलाश, दिनेश चंद्र समेत करीब 22 किसानों को प्रमाण पत्र सौंपेे। इस दौरान तहसीलदार पूरन सिंह राना, बीडीओ आलोक वर्मा, बीईओ दिनेश वर्मा, नायब तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, सर्वजीत, विनोद वर्मा, जगदीश शुक्ला, सुनील बत्रा, शशिकांत चतुर्वेदी, संजय गुप्ता, दीपक शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।

लंच के लिए भटकते रहे किसान
सुबह से ही किसानों को बुला लिया गया था। लंच पैकेट की व्यवस्था कम होने के कारण किसान भूखे-प्यासे कॉलेज में भटकते रहें। किसानों जगदीश, मुनेश, हरपाल आदि का आरोप है कि दूर से आने के कारण भूखे थे। यहां पर लंच आदि की व्यवस्था न होने के कारण परेशान रहे। 70 वर्षीय जुगरा तो भूख के कारण चक्कर आने से जमीन पर गिर गई। वहां मौजूद लोगों ने उसे उठाकर पानी आदि पिलाया।

अब 37614 किसानों की होगी कर्जमाफी, मांगे 258 करोड़
लखीमपुर खीरी।
फसल ऋण मोचन योजना के तहत दूसरे चरण में 37614 किसानों को कर्जामाफी का लाभ मिलेगा, जिनका सत्यापन कर डाटा शासन को भेजा गया है। साथ ही इन किसानों का कर्जा माफ करने के लिए 258 करोड़ रुपये की डिमांड सरकार से की गई है।
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बता दें कि पहले चरण में 36668 लघु एवं सीमांत किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, जिन्हें तहसीलवार प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं, जबकि कुल 214231 लघु एवं सीमांत किसानों को कर्जामाफी की श्रेणी में रखा गया है। सीडीओ अमित सिंह बंसल ने बताया कि पहले चरण में 36668 किसानों का 249 करोड़ रुपये माफ हुआ था। अब दूसरे चरण में 37614 किसानों का 258 करोड़ रुपये माफ किया जाएगा। शासन से धनराशि प्राप्त होते ही बैंकों के माध्यम से किसानों के खातों में धनराशि जमा की जाएगी। दूसरे चरण में भी किसानों को समारोहपूर्वक कर्जमाफी के प्रमाणपत्रों का वितरण किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। समारोह तहसीलवार भी होंगे।
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