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खड़ंजे की ईंट से रकेहटी में हो रहा आवास निर्माण

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खड़ंजे की ईंट से रकेहटी में हो रहा आवास निर्माण - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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निघासन।
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ग्राम पंचायत रकेहटी में खड़ंजे की ईंट से प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। आरोप है कि सेमल की ज्वाइंट की गई लकड़ी से दरवाजे बनाकर आवासों में लगाए गए हैं। मानकों को दरकिनार कर चार इंच की दीवार से आवास का निर्माण चल रहा है। बीडीओ ने स्थलीय निरीक्षण किया तो जांच में कई खामियां पाई गईं। उन्होंने चार इंच की दीवार को तोड़कर नौ इंच से आवास बनाने का आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 2022 तक प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर छत होने का दावा करते हुए ब्लॉकों में आवास बनाने की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण इस योजना को ग्राम प्रधान और बिचौलियों की नजरें हैं। आवासों का पैसा भले ही लाभार्थी के खाते में आता है, लेकिन उनको डरा धमकाकर सारा पैसा निकालकर प्रधान और दलाल हड़प रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत रकेहटी में 123 आवास आए हैं। इन लाभार्थियों से बैंक पास बुक लेकर सारा पैसा लाभार्थी को ले जाकर निकलवा लिया। रकेहटी के मजरा कोलापुरवा निवासी रामलखन ने बताया कि आवास की पहली किस्त निकली आई थी। ग्राम प्रधान ने विदड्राल पर हस्ताक्षर करवाकर बैंक से भुगतान निकलवा लिया। कहा कि आवास निर्माण ग्राम प्रधान कराएगा। इसी गांव की टिकाना पत्नी झगड़ू ने बताया कि आवास में नौ इंच की दीवार के स्थान पर चार इंच की दीवार बनाई गई है। वहीं खड़ंजे की ईंट प्रयोग में लाई जा रही है। साथ ही सरिया, सीमेंट आदि का भी प्रयोग मानक विहीन किया जा रहा है।
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लाभार्थियों ने प्रभारी मंत्री से की थी शिकायत
प्रभारी मंत्री गुलाब देवी से रकेहटी के लाभार्थियों ने शिकायत एक माह पहले की थी। भाजपा नेता देवेंद्र चतुर्वेदी की शिकायत पर कार्रवाई न करने से नाराज मंत्री ने सीडीओ को फटकार भी लगाई थी। पीडी ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच आने के एक दिन पहले ग्राम प्रधान लाभार्थियों को पासबुक लौटाकर माफी मांगी थी और आवास स्वयं बनाने को कहा था। जांच टीम के जाते ही आरोप है कि प्रधान ने मनमानी शुरू कर दी।

फर्नीचर के ठेके को लेकर भी हो चुका है विवाद
आरोप है कि आवासों में लगने वाले फर्नीचर की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान ने एक बढ़ई को दी थी। उसके बाद दूसरे बढ़ई ने सस्ते रुपयों पर फर्नीचर बनवाने का आश्वासन दिया। इस बात को लेकर दोनों में विवाद भी हो गया था।

बीडीओ ने की जांच मिली खामियां
बीडीओ आलोक वर्मा ने बन रहे आवासों की जांच की तो लाभार्थियों की शिकायत सही पाई गई। कोलापुरवा की टिकाना, चिडीमारन पुरवा निवासी दुन्ना आदि के आवासों में चार इंच की दीवार बनाई गई है। उस दीवार को तोड़कर दुबारा बनाने का आदेश दिया गया है।

बीडीओ पर लीपापोती का आरोप
भाजपा नेता देवेंद्र चतुर्वेदी, अजय गुप्ता आदि ने बीडीओ पर जांच में लीपापोती का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में आवास ठेके पर बनाए जा रहे हैं, जिनकी जांच कराया जाना आवश्यक है। आरोप है कि आवासों का पैसा ब्लॉक से लेकर जिले के अधिकारियों तक दिया जा रहा है।
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लाभार्थियों की शिकायत सही पाई गई है। जो आवास गड़बड़ बने हैं उन्हें फिर बनवाने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुली बैठक कर आवास स्वयं बनवाने के लिए लाभार्थी को प्रेरित किया जा रहा है। जांच में कोई लीपापोती नहीं की जा रही है।
- आलोक वर्मा, बीडीओ
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