निजी स्कूल के प्रबंधक/ प्रधानाचार्य ऐसे बच्चों को प्रवेश देने में कर रहे आनाकानी
तीसरे चरण में 10 जून 2022 तक जमा होंगे आवेदन पत्र
लखीमपुर खीरी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में प्री प्राइमरी/कक्षा एक में प्रवेश दिलाने की योजना को ग्रहण लग गया है। कारण निजी स्कूल के प्रबंधक/ प्रधानाचार्य इन बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। परेशान अभिभावक बीएसए कार्यालय से लेकर स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
जनपद में पहले चरण में गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए 334 आवेदन पत्र जमा हुए, जिसमें 31 मार्च 2022 को लॉटरी के जरिए 197 बच्चों को निजी स्कूल आवंटित किए गए। बीएसए ने पांच अप्रैल 2022 को संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों/ प्रधानाचार्यों को प्रवेश के लिए आदेश जारी किए थे। इसके बाद दूसरे चरण में 337 आवेदन पत्र जमा हुए, जिसमें से लॉटरी के जरिए 142 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए।
बीएसए ने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए पांच मई को आदेश जारी किया। इस प्रकार दो चरणों में 339 बच्चों को निजी स्कूल आवंटित किए गए हैं। तीसरे चरण में अब तक 181 आवेदन पत्र जमा हो गए हैं, जिसमें अभी 10 जून तक आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके बाद बच्चों को स्कूल आवंटन के लिए 30 जून 2022 को लाटरी निकाली जाएगी। आवंटन के बाद से दर्जनों बच्चों के अभिभावक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, क्योंकि निजी स्कूलों के प्रबंधक/ प्रधानाचार्य इन बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ग्लोबल कान्वेंट, ग्रीनफील्ड, स्कॉलर वर्ल्ड, चिल्ड्रेंस एकेडमी, बीपीएस आदि स्कूल आरटीई के तहत आवंटित बच्चों को अपने विद्यालय में प्रवेश नहीं दे रहे हैं, जबकि बीएसए द्वारा कुछ दिन पहले नोटिस भी जारी की जा चुकी है।
कक्षा में नामांकन की वास्तविक छात्र संख्या छुपा रहे स्कूल
गरीब बच्चों को प्री प्राइमरी या कक्षा एक में प्रवेश न देना पड़े, जिसके लिए स्कूल प्रबंधन नामांकन छात्र संख्या की गलत सूचना देता है। बताते चलें कि आरटीई के तहत प्रत्येक निजी स्कूल में कक्षा की कुल छात्र संख्या के सापेक्ष 25 प्रतिशत प्रवेश गरीब बच्चों को देना अनिवार्य है, जिनके फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी और प्रत्येक बच्चे को पांच हजार रुपये कॉपी-किताब खरीदने के लिए मिलेंगे। आवंटित बच्चों को प्रवेश न देने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा नामांकन सीटों की संख्या कम करके बताई जा रही है, ताकि 25 प्रतिशत के लक्ष्य को कम किया जा सके। हालांकि बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने सभी स्कूलों से नामांकन की वास्तविक छात्र संख्या बताने के लिए स्कूलों को नोटिस दी है।
आरटीई के तहत प्रत्येक निजी स्कूल में 25 प्रतिशत सीटें गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश देने के लिए आरक्षित की गई हैं। अब तक 339 बच्चों को प्री प्राइमरी/कक्षा एक में प्रवेश दिलाने के लिए स्कूल आवंटित किए गए हैं, जिनमें कई स्कूलों द्वारा बच्चों का प्रवेश न किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे स्कूलों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है, जिसके बाद भी प्रवेश न किए गए, तो उनके स्कूल की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए