लखीमपुर खीरी। करीब चार दशक पहले बांग्लादेश से विस्थापित होकर लखीमपुर खीरी आए 331 हिंदू परिवारों के लिए अब स्थायित्व की नई राह खुल गई है। वर्षों तक बसावट और जीविकोपार्जन तक सीमित रहे इन परिवारों को अब जमीन पर मालिकाना हक मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन परिवारों को जिले की तीन तहसीलों के चार गांवों में व्यवस्थित रूप से बसाया गया है।
इसमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रंट में 41 परिवार और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवार निवास कर रहे हैं। गोला तहसील के ग्रंट नंबर तीन में 37 परिवारों को बसाया गया है। वर्षों पहले हुए इस पुनर्वास के बाद अब उन्हें जमीन का स्वामित्व मिलने से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
गोला तहसील के ग्रंट नंबर तीन में बसे विस्थापितों में प्रति परिवार तीन एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को करीब 0.607 हेक्टेयर भूमि मिली है।
मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रंट में 15 परिवारों को तीन एकड़, नौ परिवारों को सात एकड़ और 17 परिवारों को पांच एकड़ भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार लगभग 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है।
वर्जन
बांग्लादेश से विस्थापित होकर जिले में इन 331 हिंदू परिवारों को कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्थायी और सुरक्षित बन सके।
-दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम