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झाले में तीसरी बार घुसा बाघ, ग्रामीणों में दहशत
ममरी। घमहाघाट निवासी सरदार लालसिंह के झाले में मंगलवार की रात तीसरी बार बाघ घुस गया। बाघ ने खूटे से बंधे पशुओं पर हमला करने का प्रयास किया। पशुओं के रंभाने पर जागे झाला वासियों के शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ दहाड़ता हुआ गन्ने के खेत में घुस गया। बाघ के झाले में घुसने और पगचिह्न मिलने की पुष्टि वन कर्मियों ने की है।
वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर की देवीपुर वीर जंगल कठिना नदी के घमहाघाट पुल और पुवायां जाने वाली रोड से सटा हुआ है, जहां से सरदार लालसिंह के झाले की दूरी महज 500 मीटर है। लाल सिंह के झाले पर कश्मीर सिंह, अंग्रेज सिंह, जगदीश सिंह, बख्शीश सिंह आदि सपरिवार रहकर खेती करते हैं। उनके झाले पर दर्जनों पशु हैं। मंगलवार की रात पशुओं को शिकार बनाने के इरादे से झाले में घुस आए बाघ को देख खूंटे से बंधे पशु रंभाने लगे। लाल सिंह के अनुसार परिवार के लोगों ने मकान की छत से टॉर्च की रोशनी में पेड़ के नीचे बाघ को खड़ा देखा तो उनके होश उड़ गए। तब उन्होंने शोर मचाकर आग जलाई, शोर सुनकर सुंदरपुर के कई ग्रामीण इकट्ठा हो गए भीड़ को देखकर बाघवहां से दहाड़ता हुआ गन्ने के खेत में चला गया। लाल सिंह का कहना है कि इससे पूर्व दो बार बाघ उनके झाले में घुस चुका है। घटना से क्षेत्र में एक बार फिर दहशत फैल गई है। सूचना पर पहुंचे फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश, बेचेलाल आदि वनकर्मियों बीडीसी रामकुमार वर्मा, सुंदरपुर के ग्रामीणों ने भी बाघ के झाले में घुसने की पुष्टि की है। वनकर्मियों ने बताया कि इससे पूर्व बाघ सात पशुओं और दो व्यक्तियों पर हमला कर चुका है।
शावकों संग दिखी बाघिन
महंगापुर। इलाके के परसपुर से लगदहन जाने वाले रास्ते पर कई दिनों से एक बाघिन शावकों के साथ दिखाई दे रही है, जिससे दहशत है। उधर लगदहन से नहरौसा जाने वाले रास्ते पर भी ग्रामीणों ने एक तेंदुए को देखा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के साथ ही अकेले खेतों की तरफ न जाने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन अपने शावक लेकर सड़क के किनारे गन्ने के खेत में रह रही है। जिस क्षेत्र में बाघिन देखी जा रही है वहां कई एकड़ गन्ने की फसल खड़ी है। पलिया रेंजर दिनेश वडोला ने बताया कि मामले की उनको जानकारी हैं, जंगल स्टाफ को लगा रखा है लोकेशन पता करने का प्रयास किया जा रहा है।