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शारदा के घटते जलस्तर से तेज हुआ भू-कटान
दौलतापुर में तेजी से भू-कटान कर रही है नदी
पलियाकलां। शारदा नदी का घटता जलस्तर अब ग्रामीणों की परेशानियों का सबब बनता जा रहा है। बुधवार को नदी का जलस्तर फिर से डाउन हो गया इससे नदी और खतरनाक साबित हो रही है। श्रीनगर गांव सहित भीरा इलाके में नदी तेजी से खेतिहर इलाके में कटान की जद बढ़ा रही है।
जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 88 सेमी ऊपर है। नदी का जलस्तर मंगलवार की तुलना में तो कम हुआ लेकिन नदी ने कटान की जद काफी बढ़ा दी है। पहले नदी काफी हद तक धीरे-धीरे भूकटान कर रही थी। लेकिन बुधवार को नदी ने भूकटान तेज कर दिया। भीरा के मझौरा, कचनारा, मटैहिया, दौलतापुर के साथ ही आजादनगर व बर्बादनगर में नदी काफी तेजी से कटान कर रही है। वहीं श्रीनगर गांव की तरफ भी नदी ने कटान तेज कर दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी का सबसे ज्यादा विकराल रूप दौलतापुर में देखने को मिल रहा है। यहां नदी ने काफी खेतिहर इलाके को काटकर अपने आगोश में ले लिया है जबकि अभी भी दौलतापुर के नदी से सटी भूमि पर तेजी से कटान कर रही है। जिससे काफी मात्रा में ग्रामीणों की भूमि कट चुकी है।
नयापुरवा में दो और घर आए शारदा के निशाने पर
मझगईं। कस्बे के मजरा नयापुरवा गांव में शारदा नदी एक माह से कहर बरपा कर जहां अब तक एक घर को अपने आगोश में समा चुकी है वहीं कई एकड़ जमीन भी शारदा निगल चुकी है। दो दिनों से हो रही बरसात के कारण शारदा का जलस्तर नयापुरवा गांव में बढ़ गया है। पानी ने यहां पर तेजी से कटान शुरू कर दिया है। नदी के तेज कटान के चलते रामाधीन व सियाराम के घर भी नदी की जद में आ गए हैं। नदी का विकराल रूप देख एक बार फिर ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उधर दूसरी तरफ प्रशासन यहां पर बाढ़ ही मानने को तैयार नहीं है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। यहां के स्थानीय लेखपाल अवधेश कुमार का कहना है कि यहां पर बाढ़ जैसे कुछ हालात नहीं है केवल बरसात का पानी भरा हुआ है। लेखपाल के बयान के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करने तक की चेतावनी दे डाली है।