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नहाने गए दो छात्र मोहना नदी में डूबे
रविवार की शाम कौडिय़ाला घाट के पास हुआ हादसा
दूसरे दिन भी गोताखोरों ने नदी में की तलाश, नहीं लगा सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहना नदी में रविवार को नहाने गए दो छात्र नदी में डूब गए। बच्चों के डूबने का पता शाम को तब चला, जब उनकी साइकिल, चप्पल और कपड़े नदी के किनारे मिले। सूचना पर पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान नहीं चल सका। सोमवार की सुबह पहुंची पुलिस ने स्टीमर आदि के सहारे गोताखोर नदी में उतारे और तलाश कराई, लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली है। नायब तहसीलदार ने घटना स्थल का जायजा लिया और परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
गांव बरसोला कलां निवासी दिनेश का 13 वर्षीय पुत्र विपिन उर्फ चंदन और स्वर्गीय राम सिंह का 11 वर्षीय पुत्र राजकरण रविवार की सुबह करीब नौ बजे घर से गुरुद्वारा कौडिय़ाला घाट जाने की बात कहकर निकला था। घर वालों के मुताबिक जब दोनों बच्चे शाम तक घर नहीं पहुंचे तो परिवार वालों को चिंता हुई। घर वाले बच्चों को ढूंढने गुरुद्वारे के समीप पहुंचे तो नदी के किनारे साइकिल, कपड़े और चप्पल मिलीं। जिस स्थान पर साइकिल आदि मिली, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों किशोर नहाने के लिए मोहाना नदी में उतरे और डूब गए। घर वालों की मानें तो दोनों को तैरना नहीं आता था। बच्चों के डूब जाने की सूचना मिलते ही उनके घरों में कोहराम मच गया। सूचना पर कई ग्रामीण और कोतवाली तिकुनियां इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। अंधेरा होने के कारण पुलिस नदी में सर्च अभियान नहीं चला सकी। सुबह इंस्पेक्टर ग्रामीणों और गोताखोरों के साथ फिर नदी पर पहुंचे। स्टीमर और नावों की व्यवस्था कराकर गोताखोरों को नदी में उतारा, शाम तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी दोनों का कोई अता पता नहीं चल सका। नायब तहसीलदार निघासन ज्ञान प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर गांव पहुंचे, जहां पीड़ित परिवार वालों से वार्ता की और उन्हें ढांढस बंधाया।
वर्जन......
घटना दुखद है। गोताखोर लगाकर सर्च अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी बच्चों का कोई पता नहीं चला है। दोनों बच्चे कैसे डूबे यह अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है। आशंका है कि नहाने के लिए बच्चे उतरे होंगे और बह गए।
- अजय कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली तिकुनियां
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दो बच्चों के डूबने से बरसोला गांव में पसरा सन्नाटा
जिसने सुना वहीं नदी की ओर दौड़ पड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। शाम का समय था। सूर्य भी करीब अस्त हो चुका था। लोग अपने काम निपटाकर गांव बरसोला कलां लौट रहे थे। इसी बीच जब गांव के दो बच्चों के मोहाना नदी में डूबने की सूचना आई तो सभी अवाक रह गए, जिसने सुना वह मौके की ओर दौड़ पड़ा। दोनों छात्रों के परिवार में चीखपुकर मच गई।
मृतक चंदन के पिता दिनेश ने बताया कि रविवार की सुबह उनका इकलौता पुत्र चंदन गुरुद्वारा कौड़ियाला जाने की बात कह कर घर से निकला था। शाम तक जब घर नहीं लौटा तो वह लोग गुरुद्वारे के समीप ढूंढने निकले। जब वह कौड़ियाला घाट के पास पहुंचे तो नदी के किनारे, साइकिल, कपड़े आदि मिलने से दोनों के डूबने की जानकारी हुई। चंदन स्थानीय महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। घटना से पूरा परिवार सदमे में है। इधर मृतक राजकरन के घर पर भी मातम छाया हुआ था। उसकी मां माधुरी का रो-रोकर बुरा हाल है। राजकरण प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कक्षा पांच का छात्र था।
मिट्टी धंसने से तो नहीं हुआ हादसा
मोहाना नदी इन दिनों तेजी से कटान कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों बच्चे कपड़े उतारकर मोहाना नदी के बिल्कुल किनारे बैठे होंगे। इसी बीच कटान के कारण मिट्टी धंसने से दोनों नदी में बह गए। इस बात की आशंका इसलिए बढ़ जाती है कि नदी किनारे जमीन पर दोनों किशोरों के नाम भी लिखे मिले हैं। पूर्व प्रधान राजाराम मौर्य ने बताया कि घटनास्थल देख कर लगता है कि दोनों बालक नदी के बिल्कुल किनारे बैठे थे।
पिता की भी गहरे कुंड में डूबकर हो गई थी मौत
मोहाना में डूबे राजकरन के पिता रामसिंह की करीब 12 वर्ष पूर्व गांव के पास से निकली रेलवे पटरी के समीप गहरे कुंड में डूब जाने से मौत हो गई थी। अब मोहाना नदी में राजकरन भी डूब गया।
बालकों के परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपये
लखीमपुर खीरी। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया घटना काफी दुखद है। बच्चों की तलाश की जारी है। पीड़ित परिवारों को प्राकृतिक आपदा के तहत चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की कार्रवाई शुरू करा दी गई है।