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30 विभागों को नहीं मिला धेला

Mon, 15 Dec 2014 05:55 PM IST
लखींमपुर खीरी/ अमर उजाला ब्यूरो
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जिला योजना के तहत 2014-15 में अनुमोदित लक्ष्य के मुताबिक योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है, जिसका कारण विभागों को पर्याप्त बजट न मिलना है। खास बात यह भी है कि 30 विभागों को अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष एक धेला भी नहीं मिला।
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जिला योजना के लक्ष्य 222.53 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 12 विभागों को ही 58.11 करोड़ धनराशि मिली, जो अनुमोदित धनराशि के सापेक्ष करीब 26 फीसदी है। इससे विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है, सरकार के दावे सिर्फ हवाई साबित हो रहे हैं। वहीं शासन ने जिला योजना के  बजट को अगले सत्र से ढाई गुना करने का फैसला लिया है।
बता दें कि वर्ष 2013-14 में भी जिला योजना का परिव्यय 222.53 करोड़ अनुमोदित हुआ था। जिसके सापेक्ष 104.74 करोड़ धनराशि व्यय की गई थी। इस वर्ष भी 222.53 करोड़ का परिव्यय अनुमोदित किया गया था, लेकिन सरकार विभागों को समय से धनराशि देने में पिछड़ गई है। इसका अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि जिला योजना में 50 विभाग शामिल हैं, जिसमें आठ विभागों के लिए बजट का अनुमोदन ही नहीं किया गया।
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अवशेष 42 में से 30 विभागों को अक्तूबर 2014 तक एक धेला धनराशि भी नहीं अवमुक्त की गई। सिर्फ 12 विभागों को धनराशि मिली, जिसमें नौ विभागों ने 45.88 करोड़ व्यय किए हैैं।
इन विभागों को नहीं मिली धनराशि
उद्यान विभाग, मत्स्य, सहकारिता, भूमि विकास एवं जल संसाधन, पंचायत राज विभाग, राजकीय लघु सिंचाई, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, सड़क एवं पुल, वैज्ञानिक शोध, पर्यावरण, पर्र्यटन, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक चिकित्सा, होम्योपैथिक, नगरीय पेयजल एवं स्वच्छता, ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, अनुसूचित जाति कल्याण, अनुसूचित जनजाति कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण सामान्य जाति, सेवायोजन, शिल्पकार प्रशिक्षण, समाज कल्याण विभाग, विकलांग कल्याण विभाग को अनुमोदन के बावजूद धनराशि नहीं मिली है।
मुख्य विकास अधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष विभागों ने करीब 80 फीसदी धनराशि व्यय की है। नवंबर में कुछ विभागों को धनराशि अवमुक्त हुई है। गांवों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
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