शाम तक जब आग पर काबू पाया गया तब तक गंगाराम, बबलू, आशीष, जयलाल, सोहन, शारदा प्रसाद, महावीर, सोनेलाल, श्रीकेशन, राजेश, कौशल, तोताराम और रामनरेश सहित करीब दो दर्जन ग्रामीणों के घर राख के ढेर में तब्दील हो चुके थे। घरों में रखा राशन, जेवर, नकदी और बिस्तर सब कुछ जल गया। गंगाराम और सोनेलाल के डनलप भी जलकर नष्ट हो गए।
देर शाम निघासन एसडीएम राजीव निगम और तहसीलदार दिव्यांशु शाही ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। तहसीलदार ने लेखपाल अभिषेक कुमार को निर्देश दिए कि तत्काल नुकसान का आकलन कर पीड़ितों को राहत सामग्री और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करें।