लखीमपुर खीरी। विभिन्न मामलों में सदर मालखाना में जमा चार सालों के बरामद 216 मुकदमाती माल गायब मिले हैं। अपराधियों से बरामद यह सामान लखीमपुर खीरी जिले के विभिन्न थानों और जीआरपी लखीमपुर ने मालखाना में जमा किए थे। सीओ सिटी की ओर से सदर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन सदर मालखाना प्रभारी हेड मोहर्रिर के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रकरण की जांच भी सीओ सिटी को सौंपी गई है।
सीओ सिटी अरविंद वर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के क्रम में सदर मालखाना की जांच के लिए एक टीम गठित की गई थी। महीने भर पहले गठित जांच टीम ने सदर मालखाना में दाखिल विभिन्न माल मुकदमाती का भौतिक सत्यापन किया था।
मालखाना के कार्यालय में वर्ष 1992 से 2020 तक के मालखाना रजिस्टरों की जांच की गई तो वर्ष 1993, 1995, 1996, 1998, 1999 के माल मुकदमाती रजिस्टर मौजूद नहीं मिले। भौतिक सत्यापन के दौरान सदर मालखाना में उपलब्ध माल का मुकदमाती रजिस्टरों से मिलान कराया गया। जिस पर वर्ष 1992 से दिनांक 31 दिसंबर 2020 तक कुल 216 मुकदमों में दाखिल किया गया सामान गायब मिला, जो वर्ष 1992 से वर्ष 2016 तक की अवधि में जिले के विभिन्न थानों व जीआरपी थाना लखीमपुर खीरी द्वारा दाखिल किए गये थे।
उन्होंने बताया कि गायब रजिस्टर व मुकदमों में दाखिल किए गए 216 माल मुकदमाती तत्कालीन सदर मालखाना प्रभारी हेड मोहर्रिर विश्राम लाल के चार्ज में थे। सदर कोतवाली पुलिस ने सीओ सिटी की तहरीर पर रजिस्टरों एवं 216 मुकदमाती माल गायब होने के मामले में हेड मोहरिर्र सदर मालखाना विश्राम लाल के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।
पांच महीने पहले मिली थी जमानत, फिर कसा शिकंजा
लखीमपुर खीरी। सदर मालखाना प्रभारी रहे हेडमोहिर्रर विश्राम लाल की मुसीबतें बढ़ गई हैं। वर्ष 2017 में मालखाने से 15 लाख रुपये गायब होने के मामले में वह जेल चला गया था। पांच महीने पहले ही वह जमानत पर रिहा हुआ है। सदर कोतवाली में मुकदमाती माल गायब होने का एक और मामला दर्ज होने पर फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र की इलाहाबाद बैंक शाखा दाउदपुर में करीब नौ साल पहले बदमाशों ने डकैती डाली थी और 15 लाख से अधिक रुपये लूट ले गए थे।
अगले दिन ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर लूटी गई नकदी बरामद कर मालखाना में रखवा दी था। वर्ष 2017 की शुरुआत में अदालत ने इस धनराशि को वादी के पक्ष में रिलीज कर दिया था। उधर रुपये रिलीज होने की जानकारी मालखाना इंचार्ज विश्राम को लगी तो वह मालखाने में ताला डालकर भाग निकला था।
मालखाना इंचार्ज को पुलिस ने काफी तलाशा, उसका कुछ पता नहीं चला। तब तत्कालीन एसपी मनोज कुमार झा ने सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित कर पूरे मामले की जांच और मालखाना की तलाशी कराई, लेकिन रुपये नहीं मिले।
सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने सीओ सिटी की ओर से मालाखाना इंचार्ज विश्राम लाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच सीओ मोहम्मदी को सौंपी थी। विवेचक ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। इस मामले में जेल गया विश्रामलाल करीब पांच महीने पहले ही जमानत पर छूटा है। अब मुकदमाती माल गायब मामले में उसकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।