लखीमपुर खीरी। धान खरीद बंद होने के बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने गेहूं खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष क्रय केंद्रों को हाईटेक बनाते हुए लैपटाप/आईपैड/इंटरनेट आदि सुविधाओं के इंतजाम 10 मार्च 2019 तक करने के आदेश दिए गए हैं, जिसमें मास्टर डेटा में आवश्यक सूचनाओं की फीडिंग कराई जाएगी। वहीं एक मार्च 2019 से किसानों के आनलाइन पंजीकरण विभाग की वेबसाइट पर किए जाएंगे। साथ ही जिले भर में क्रय केंद्रों के खोलने के स्थानों का भी चयन 15 फरवरी से एक मार्च तक किया जाना है।
वर्ष 2018-19 में धान खरीद के दौरान योगी सरकार ने सरकारी खरीद में बिचौलियों के दखल को खत्म करने के लिए किसानों के आनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया था, जिसमें किसानों का सत्यापन संबंधित तहसीलों के एसडीएम द्वारा कराया गया था। इस बार गेहूं खरीद में भी वहीं व्यवस्था लागू रहेगी, जिससे किसानों को एक मार्च 2019 से आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। तभी वह क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच पाएंगे। गेहूं खरीद की तैयारी करने के लिए समय सारिणी जारी की गई है, जिसके मुताबिक एक मार्च 2019 तक क्रय केंद्रों का निर्धारण किया जाना है। इसके बाद 10 मार्च तक क्रय केंद्रों पर बोरा, स्टाफ और किसानों के लिए सुविधाएं जुटाई जानी है। किसानों की सुविधा के मद्देनजर आठ किमी की दूरी और चार किमी की परिधि में एक क्रय केंद्र खोलने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें न्याय पंचायत स्तर पर क्रय केंद्र खोलने के लिए सहकारी समितियों को वरीयता दी जाएगी।
दागी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्ती
किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिलाने के लिए सरकार ने बिचौलियों से सांठगांठ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। खरीद शुरू होने से पहले ऐसे चिन्हित कर्मचारियों/अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी है।
गेहूं खरीद के लिए प्रभारी अधिकारी नामित होने के साथ ही चार फरवरी से समय सारिणी के मुताबिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। धान खरीद की भांति गेहूं बेचने के लिए किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। एक अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी