दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट, बढ़ाई गई गश्त
कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार में नेशनल शूटर ज्योति रंधावा की गिरफ्तारी के बाद हरकत में आया जंगल प्रशासन
26 एलकेएच 01
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव शिकारियों और तस्करों की सक्रियता बनी हुई है। कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार में अभिनेत्री चित्रांगदा के पूर्व पति नेशनल शूटर और गोल्फर ज्योति रंधावा को शिकार करते पकड़े जाने के बाद इसकी फिर पुष्टि हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व ने अलर्ट जारी किया है और वन विभाग की टीमों को एसपीटीएफ के साथ जंगल गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिये हैं। फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि पकड़े गए जितेंद्र सिंह रंधावा के पास से .22 गन के अलावा वन्यजीवों की खालें और जंगल में कैंप लगाने का सामान भी बरामद हुआ है। इससे पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव तस्कर पकड़े जा चुके हैं और उनके पास से वन्यजीव अंग भी बरामद हुए हैं। तस्करों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हो चुका है कि दुधवा टाइगर रिजर्व भी शिकारियों की हरकतों से सुरक्षित नहीं है।
इसी साल 27 मई को नेशनल हाईवे नंबर एक लिबासपुर नई दिल्ली से नेपाल के वन्यजीव तस्कर मंगल लामा को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से बाघ की हड्डियां और दूसरे अंग मिले थे। सीबीआई ने 28 मई को केस दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ में उसने बताया कि वह कुछ समय पहले पलिया आया था और कई दिन यहां रुका था। इससे पहले 31 दिसंबर 2017 को खटीमा में भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगल से पुलिस, एसटीएफ, एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने खीरी जिले के दो तस्करों को पकड़ा। उनके पास से वयस्क बाघ की खाल और 8.3 किलोग्राम बाघ की हड्डियां बरामद हुईं। इनमें एक तस्कर गोला कोतवाली क्षेत्र के कमलापुर गांव का राजू और दूसरा मैलानी थाना क्षेत्र के गांव ढाका का निवासी महावीर था। इनके तार अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर तोताराम और बावरिया गैंग से जुड़े होने की संभावना जताई गई। पूछताछ में आरोपियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी रेंज जंगल से बाघ का शिकार करने और उसके अंग अंतरराष्ट्रीय तस्करों तक पहुंचाने का प्रयास करने की बात स्वीकार की थी।
इसी साल 24 जनवरी 2018 को पलिया-दुधवा रोड पर धीरज भसीन निवासी नीलगिरी, अलकनंदा, नई दिल्ली को पकड़ा गया। उसके पास से तेंदुए की दो खालें बरामद हुईं। पूछताछ में उसने बताया कि वह दिल्ली में रहकर गिरोह का संचालन करता है। उसकी निशानदेही पर वन विभाग की टीम दिल्ली पहुंची और दिल्ली पुलिस के साथ एक फार्म हाउस पर छापा मारा। जहां से टीम ने गोपाल सिंह नेगी निवासी कचैल थाना धनिया, जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड को गिरफ्तार किया। यह तराई के जंगलों के अलावा बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों से वन्यजीवों का शिकार कर नेपाल के रास्ते चीन भेजते थे।
29 जनवरी 2018 को नेपाल की क्षेत्रीय अनुसंधान पुलिस टीम ने नेपाल के कैलाली जिला के धनगढ़ी में छापा मारकर जुम्ला जिला के सुनी गांव निवासी सुमन धिताल को भालू की 70 ग्राम पित्त और जड़ी बूटियों के साथ गिरफ्तार किया। इससे एक सप्ताह पहले कैलाली जिले के सीसा पानी में गुलदार की तीन खालें और हड्डी एक घर से बरामद की गई थीं। पकड़े गए वन्यजीव तस्करों से पूछताछ से इस बात की पुष्टि हुई है कि खीरी जिला अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों का हब बनता जा रहा है। नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण तस्करों को बाघ, तेंदुओं की खालें और वन्यजीव अंग नेपाल के रास्ते दूसरे देशों में भेजना आसान होता है।
चीन और तिब्बत में है वन्यजीवों की बेहद मांग
बाघ, तेंदुओं की खाल और वन्यजीव अंगों की मांग सबसे ज्यादा चीन और तिब्बत में है। तिब्बत में बाघ और तेंदुए की खाल की कीमत लाखों में है। इन खालों से बनी पोशाक पहनना यहां के लोग अपनी शान समझते हैं। अन्य वन्यजीवों की खालों से कीमती बैग बनते हैं। चीन में बाघ की हड्डियों से टाइगर वाइन बनाई जाती है। अन्य कई अंग दवा बनाने में इस्तेमाल करते हैं।
कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार में नेशनल शूटर ज्योति रंधावा को शिकार करते पकड़े जाने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एलर्ट जारी कर दिया है। जंगल की चौकसी बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीमें लगातार एसपीटीएफ के साथ जंगल गश्त कर रही हैं।
- रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व