थाना क्षेत्र के मुरारखेड़ा कॉलोनी के पास शुक्रवार की अलसुबह तेज रफ्तार से जा रही एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। उसकी चपेट में सड़क के किनारे चारपाई पर सो रहे पिता-पुत्र आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इकट्ठा हुए लोगों ने सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार और एसओ ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिये हैं।
मुरारखेड़ा कॉलोनी में सड़क के किनारे कई परिवार बसे हुए हैं। इसमें 45 वर्षीय लालमन का परिवार भी था। गर्मी अधिक होने की वजह से लालमन अपने इकलौते पुत्र आठ वर्षीय प्रिंस के साथ सड़क के किनारे चारपाई डालकर सो गए। सुबह करीब चार बजे प्लाई से लदी पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। दोनों उसकी चपेट में आ गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां जमा हो गए। पिकअप को सीधा कर दोनों को जैसे तैसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने रोड पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि धीमी गति से रोड बनाने वाली कंपनी कार्य कर रही है जिससे आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने मुआवजे की भी मांग की। सूचना पर तहसीलदार अनिल कुमार यादव व एसओ संपूर्णानगर बृजराज यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों को उन्होंने सरकार की सहायताएं, आवास, राशन कार्ड, जनधन बीमा आदि दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुल सका। पुलिस ने पिकअप चालक रामेश्वर को हिरासत में ले लिया है।
रोड बनाने वाली कंपनी के खिलाफ गुस्सा
ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी ने सड़क के दोनों तरफ मिट्टी नहीं डाली है, जो हादसे की वजह बन रहा है। लोगों ने कहा कि यदि आबादी वाले क्षेत्र में सड़क के दोनों तरफ मिट्टी नहीं डाली गई तो ठेकेदार के साथ ही कंपनी के मुरारखेड़ा में ही बनाए गए अस्थाई आफिस का घेराव किया जाएगा।
मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था लालमन
लालमन अपना व अपने परिवार का पेट मजदूरी कर के पालता था। परिवार में उसकी पत्नी, 10 वर्षीय पुत्री पुष्पा तथा पांच वर्षीय पुत्री ऊषा के साथ ही पुत्र आठ वर्षीय प्रिंस था, जबकि एक पुत्री की शादी हो चुकी है।
लोगों ने दी सहायता राशि
हादसे के बाद लोगों ने मृतक के परिजनों को सहायता राशि भी दी है। इसमें तहसीलदार अनिल कुमार यादव तथा एसओ बृजराज यादव ने दो-दो हजार रुपये, गांव के ही महिपाल सिंह ने पांच सौ तथा अजय तिवारी ने दो सौ रुपये की सहायता राशि दी है।