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2.07 लाख एमटी गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य
कार्यशाला में केंद्र प्रभारियों को बताए नियम-कायदे
डीएम बोले किसानों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिली तो प्रभारी पर सीधे कार्रवाई
मंडी सचिव बोले एएमएच पर भी बना सकेंगे क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
गेहूं खरीद की शुरुआत के लिए क्रय केंद्रों को खोलने की तैयारियां अंतिम दौर में हैं, क्योंकि एक अप्रैल 2018 से क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद शुरू करनी है। सरकार ने जिले में दो लाख सात हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया है, जिसके मुताबिक आठ एजेंसियों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि सरकारी गेहूं खरीद में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहेगी और घटतौली न होने दें। उन्होंने कहा कि सारी व्यवस्थाएं शतप्रतिशत मानक के अनुसार सुनिश्चित कर लें और किसानों से दुर्व्यवहार की शिकायत न मिले। किसानों को अनावश्यक परेशान किए जाने की शिकायत मिलने पर केंद्र प्रभारियों के खिलाफ सीधे शासन कार्रवाई करेगा।
कलक्ट्रेट सभागार बुधवार को एजेंसी प्रबंधकों और क्रय केंद्र प्रभारियों की कार्यशाला हुई, जिसमें किसानों से गेहूं खरीद करने के बारे में नियम-कायदे बताए गए। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि 151 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें हर हाल में एक अप्रैल से चालू करना अनिवार्य है। समस्याएं पूछे जाने पर केंद्र प्रभारियों ने ट्रकों द्वारा गेहूं भेजे जाने पर बोरों से गेहूं चोरी किए जाने का मुद्दा उठाया है। एफसीआई में उतार के बाद रसीद न दिए जाने की शिकायत करते हुए तुरंत रसीद दिए जाने की मांग रखी गई। इलेक्ट्रानिक कांटों की समीक्षा में बाट माप निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि 145 कांटों का सत्यापन कराया जाना है। मंडी सचिव संतोष कुमार ने बताया कि क्रय केंद्रों की जानकारी के लिए ऐरो मार्क बनाए जाने हैं, जिसके लिए सभी केंद्र प्रभारी अपने केंद्र की लोकेशन दे दें। उन्होंने कहा कि गांवों में स्थापित किए गए करीब 80 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब पर क्रय केंद्र खोले जा सकते हैं, जिससे किसानों को सहूलियत मिलेगी। नमी मापक यंत्रों की कमी पर मंडी सचिव ने कहा कि 91 मशीनें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। 242 इलेक्ट्रानिक कांटे वितरित किए जा चुके हैं और 83 कांटे रिजर्व हैं। 201 छलने क्रय केंद्रों को दिए गए हैं और 74 रिजर्व हैं। 167 पंखे दिए गए हैं और 62 रिजर्व हैं। किसानों की सुविधाओं जैसे पेयजल, शामियाना आदि के लिए मंडी शुल्क से केंद्र प्रभारी मानक के मुताबिक खर्च करेंगे।
खसरा-खतौनी देखकर खरीदेंगे गेहूं
बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए किसानों का गेहूं खसरा-खतौनी के आधार पर खरीदा जाएगा। कृषि विभाग ने 37.95 क्विंटल प्रति हेक्टेअर औसत गेहूं उत्पादन का अनुमान बताया है। एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि औसत उत्पादकता के मुताबिक ही किसानों से खरीद की जाएगी। किसानों को उनके खाते में 1745 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आरटीजीएस के जरिए भुगतान किया जाएगा, जिसमें 10 रुपये बोनस शामिल है।
घुना गेहूं के सवाल पर गूंजे ठहाके
कार्यशाला में एक केंद्र प्रभारी ने गेहूं घुना होने पर खरीदने के लिए मार्गदर्शन मांगा, जिसे सुनकर लोग ठहाके लगाने लगे। एआर कोआपरेटिव मंगल सिंह ने कहा कि नया गेहूं कैसे घुन जाएगा, जिसके बाद सकपकाए केंद्र प्रभारी चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गए।
किसानों की सुविधा पर इतना होगा खर्च
क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को पेयजल, शामियाना/छाया आदि सुविधाएं दी जाएंगी। मंडी सचिव संतोष कुमार ने बताया कि 250 एमटी गेहूं खरीद तक 7500 रुपये, 250 से 600 एमटी गेहूं खरीद तक 15 हजार रुपये और 600 एमटी से अधिक गेहूं खरीद करने वाले केंद्र प्रभारी अधिकतम 22,500 रुपये खर्च कर सकेंगे।
एजेंसी लक्ष्य (एमटी)
1.खाद्य विभाग 44,400
2.पीसीएफ 83,000
3.एनसीसीएफ 8,800
4.एसएफसी 11,000
5.कर्मचारी कल्याण निगम 8,500
6.यूपीपीसीयू 25,000
7.यूपी स्टेट एग्रो 2,500
8.एफसीआई 17,500