निघासन लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमानों का असर निघासन तहसील में नहीं दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी यहां की सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी हैं। जिले के निघासन तहसील की सड़कें सबसे अधिक खस्ताहाल हैं। इन सड़कों पर राहगीरों को चलने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर सफर तय कर रहे हैं। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि भी खराब सड़कों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सांसद अजय मिश्र टेनी के गांव को जाने वाली तिकुनियां से बनवीर पुर मार्ग भी अधिक जर्जर है।
नेपाल बार्डर पर स्थित इस तहसील में भले ही सड़कों का जाल बिछा दिया गया हो, लेकिन यहां पर सड़कों में गड्ढे होने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान जारी किया था। उनके आदेश से यहां के लोगों को उम्मीदें जागी थी कि अब सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। सबसे अधिक खराब दुर्दशा निघासन से ढखेरवा रोड की है। यह गड्ढों में सड़क है। गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से लोगों को निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा मंझरा पूरब से खैरटिया जाने वाला मार्ग में भी गड्ढे ही गड्ढे हैं। सांसद के गांव बनवीरपुर जाने वाला मार्ग भी अधिक खराब है। डांगा से बनवीरपुर, सिन्हौंना से तिकुनियां, लालपुर से जीतपुरवा, सुक्खनपुरवा से रकेहटी की सड़कें अधिक खराब हैं। इसके अलावा गन्ना विभाग, मंडी समिति, सिंचाई विभाग, आरइएस विभाग से बनाई गई सड़कों का सबसे अधिक हाल खराब हैं।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
मैंने सड़कों का जाल पूरे जिले में बिछवा दिया है। खराब सड़कों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। शीघ्र ही सारी सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी।
अजय मिश्र टेनी, सांसद
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खराब सड़कों को चिन्हित कर उनको दुरुस्त कराया जा रहा है। जिस विभाग ने सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं कराई हैं। उनके लिए कार्यवाही के लिए लिखा जा रहा है।
रामकुमार वर्मा, विधायक
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