स्वच्छ भारत मिशन के तहत भले ही पूरे ईसानगर ब्लॉक को ओडीएफ घोषित कर दिया गया हो लेकिन आदर्श ग्राम मूड़ी में शौचालय निर्माण की सुस्ती का आलम दिख रहा है। ग्राम पंचायत के एक गांव में तो शौचालय निर्माण की हालत बेहद खराब है। ईसानगर ब्लॉक की आदर्श गांव पंचायत मूड़ी बस कागजों पर ओडीएफ घोषित हो चुकी है यहां अब तक लक्ष्य के सापेक्ष महज 50 प्रतिशत ही शौचालय बने सके हैं। लक्ष्य को पूरा करने को लेकर आए दिन ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान को हिदायत देते रहे। बावजूद इसके यह गांव संपूर्ण ओडीएफ नहीं हो सका। बस इसे कागज पर ओडीएफ घोषित कर अधिकारियों ने खुद अपनी पीठ थपथपा ली।
ग्रामीणों की मानें तो ग्राम प्रधान अपने चहेतों तक सरकारी योजनाओं को सीमित रख रहे हैं। यहां शौचालय के लिए पात्र लोग भटक रहे हैं। उन्हें सरकारी प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। गांव के अमृत लाल, छोटे, दूजी, शांती देवी आदि का कहना है कि गड्ढे खुदवा कर डाल दिये गए हैं लेकिन अब तक कोई शौचालय नहीं बन पाया है। ग्राम प्रधान गंगाजली कहती हैं कि मिस्त्री कम मिलने से दिक्कत हुई है बाकी बचे शौचालयों का निर्माण जल्दी ही पूरा करा लिया जाएगा। वहीं बीडीओ निर्मल द्विवेदी बताते हैं कि बेस लाईन सर्वे चल रहा है वंचितों को भी शौचालय दिया जाएगा।