दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज और किशनपुर सेंक्चुरी के बीच होकर निकलने वाले रास्तों पर गति सीमा का ध्यान दिए बिना फर्राटे से वाहन दौड़ रहे हैं। जंगल के प्राकृतिक वातावरण में व्यवधान न हो इसके लिए जंगल के रास्तों पर हार्न बजाना प्रतिबंधित है। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन में खलल पैदा हो रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडे ने जांच शुरू कर दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा, मैलानी रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी से सटकर निकलने वाली संसारपुर, गोला वायां खुटार मैलानी और पलिया रोड के बीच एक बड़ा हिस्सा जंगल में पड़ता है। इस पर बिना हार्न बजाए धीमी गति से वाहन चलाने के निर्देश हैं। बावजूद इसके स्टेट हाईवे के इस रोड पर गुजरने वाले वैध और अवैध वाहन गति सीमा नियमों का पालन किए बगैर तेज रफ्तार से फर्राटा भरते हुए चलते हैं। यह वाहन इतनी तेज हार्न बजाते हैं कि जंगल के अंदर दूर-दूर तक उसकी आवाज जाती है। वन विभाग चाह कर भी इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। कुछ वन्यजीव प्रेमियों ने इसकी शिकायत डीटीआर के एफडी रमेश कुमार पांडे से की, तो उन्होंने इसको बेहद गंभीरता से लिया है। एफडी ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
वाहनों से टकराकर दो बाघ और एक तेंदुए की हो चुकी मौत
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी, भीरा रेंज के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी जंगल के बीच गुजरने वाले इस स्टेट हाईवे के रास्ते पर तेज रफ्तार वाहनों के चलने से दो बाघ और एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। करीब चार पहले इस सड़क पर मैलानी रेंज जंगल के पास रोड क्रास कर रहा एक तेंदुआ तेज वाहन रफ्तार की चपेट में आ गया। जिससे तेंदुए की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। करीब सात वर्ष पहले इसी रेंज की भरिगवां बीट में रोड क्रास कर रहा एक बाघ तेज रफ्तार वाहन से टकरा गया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। इसी क्रम में किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में स्टेट हाईवे से कुछ दूरी पर जंगल के अंदर एक बाघ का शव बरामद हुआ था। जब उसका पोस्टमार्टम कराया गया तो पता चला कि बाघ की मौत सड़क हादसे में हुई। इसके अलावा अन्य कई दुर्लभ वन्यजीवों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
गोला, संसारपुर वायां खुटार मैलानी से पलिया जाने वाले राज्य सड़क मार्ग जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर गति सीमा से अधिक रफ्तार पर हार्न बजाते हुए वाहनों की फर्राटे भरने की सूचना मिली है। इसकी जांच की जा रही है। ऐसा करने वालों वाहन चालकों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
- रमेश कुमार पांडे,फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व।