लखीमपुर खीरी।रासा यनिक खादों की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों से किसानों को खाद की बिक्री करने का आदेश दिया था, जिसे लागू करने के लिए जिले में 1019 पीओएस मशीनों की खेप आ चुकी है। प्रभारी डीएम अमित सिंह बंसल ने गुरुवार को आदेश जारी कर सभी खाद दुकानों और सहकारी केंद्रों पर एक जनवरी 2018 से खादों की बिक्री पीओएस के माध्यम से किया जाना अनिवार्य कर दिया है। इसे लागू करने के निर्देश शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
जिले में प्राइवेट और सहकारी केंद्रों को मिलाकर कुल 1019 उर्वरक बिक्री केंद्र हैं। सीधे किसानों को उर्वरक अनुदान का भुगतान करने के लिए डीबीटी लागू किया जा रहा है। अभी 651 पीओएस मशीनों का वितरण कर दिया गया है। शेष 368 मशीनों का वितरण 23 और 24 दिसंबर 2017 को किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक जनवरी 2018 से पीओएस मशीनों के जरिए ही किसानों को खाद दी जाएगी। अब किसान के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति खाद लेने की धांधली नहीं कर पाएगा। यह व्यवस्था प्राइवेट दुकानों के अलावा सभी सहकारी समितियों पर समान रूप से लागू की गई है।
खाद विक्रेताओं को दिया
जा चुका है प्रशिक्षण
पीओएस मशीनों के माध्यम से खाद की बिक्री का फार्मूला जून 2017 में ही लागू किया जाना था, लेकिन पीओएस मशीनों की आपूर्ति में हुई देरी से योजना के लागू होने की तारीखें बदलती रहीं। इस दौरान मई 2017 में सभी खाद विक्रेताओं को पीओएस से खाद बिक्री करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छूटे हुए लोगों को भी प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की गई है।
किसानों को यह देने होंगे अभिलेख
लाभार्थी किसानों को अपनी पहचान के लिए उर्वरक केंद्रों पर आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और मतदाता पहचान पत्र लाना होगा। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक एक जनवरी से पहली बार खाद खरीदने के लिए यह अभिलेख (पहचान पत्र) दुकानदार के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
मांग के सापेक्ष सभी पीओएस मशीनों की आपूर्ति हो गई है। 368 मशीनों का वितरण 23 और 24 दिसंबर को कराया जाएगा। एक जनवरी से बगैर पीओएस मशीन के खाद बिक्री करने वाले दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 31 दिसंबर तक संबंधित अधिकारियों को खाद की दुकानों का स्टॉक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- संतोष कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी