किसानों के लिए बहुप्रतीक्षित फसल ऋण मोचन योजना का सोमवार को समारोहपूर्वक प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने शुभारंभ किया। पहले चरण में पात्र 36,668 लघु एवं सीमांत किसानों में से पांच हजार किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी वचनबद्ध हैं। आर्थिक समानता लाने के लिए किसानों की हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने सभी पात्र वृद्ध एवं विधवाओं को पेंशन देने का ऐलान करते हुए ऑनलाइन आवेदन कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
राजापुर मंडी समिति के चबूतरा नंबर पांच पर ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्रों के वितरण का कार्यक्रम हुआ। इसमें लखीमपुर, नकहा, फूलबेहड़ और बेहजम ब्लॉक के किसान शामिल हुए। प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस दौरान सांसद अजय मिश्र टेनी ने कहा कि किसानों की औसत आमदनी कम होना चिंता का विषय है। इसे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर चिंतन जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जनपद को दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र मिलेगा, जिसका निर्माण मझरा फार्म में होना है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री की कोशिशों से ऋण मोचन के लिए प्रदेश में सबसे ज्यादा धनराशि 249 करोड़ अपने जनपद को मिली है। सांसद ने कहा कि इस वर्ष गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ 10 नवंबर 2017 से पहले कराया जाएगा, जिसके लिए मिलों ने तैयारी शुरू कर दी है।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी, विधायक बाला प्रसाद अवस्थी, योगेश वर्मा, रामकुमार वर्मा, रोमी साहनी, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि डॉ. नरेंद्र सिंह, सीडीओ अमित सिंह बंसल, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, पीडी रामकृपाल चौधरी, डीडी कृषि एलबी यादव, जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, एसडीओ सत्येंद्र प्रताप सिंह, एलडीएम एके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
सामान्य व्यक्ति नहीं हैं मोदी
समारोह में किसानों को संबोधित करने के दौरान प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कुछ दावों से सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सामान्य व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वह अवतारी पुरुष (संत) हैं। इसीलिए उन्होंने सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद सर्वोच्च पद हासिल किया। दुनिया भर में लोग उनके विचारों से प्रभावित हैं।
1300 रुपये प्रतिमाह घाटा उठा रहे किसान
उप निदेशक कृषि एलबी यादव ने किसानों के हालात पर आंकड़े पेश करते हुए कहा कि किसानों की राष्ट्रीय आय का औसत 6426 रुपये मासिक है। उत्तर प्रदेश के किसानों की औसत आय 4923 रुपये प्रतिमाह है, लेकिन लखीमपुर खीरी के किसानों की औसत आय करीब तीन हजार रुपये मासिक है, जबकि प्रतिमाह औसत खर्च 6230 रुपये है। इस लिहाज से प्रदेश के किसानों को प्रतिमाह 1300 रुपये घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों की औसत आय 18059 रुपये प्रतिमाह है, जिसके मुकाबले यूपी के किसान कहीं नहीं ठहरते।