तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। पहाड़ों पर हुई जमकर बारिश के कारण भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहना नदी उफना गई। इससे बॉर्डर के सीमावर्ती कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। मार्गों पर पानी चलने से प्रभावित गांवों का संपर्क तिकुुनियां से कट गया है। अचानक तेजी से बढ़े पानी के कारण लोगों में हड़कंप है। लोग घरों का सामान निकालकर ऊचे स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कोतवाल तिकुनियां के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
बुधवार और गुरुवार को नेपाल में पहाड़ों पर भारी वर्षा हुई। जिससे मोहना नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया। उफनाई मोहाना नदी का पानी गांव टांडा, जनकपुर, जसनगर, कौडियाला, केवटली में घुस गया। बाढ़ का पानी देखकर लोगों में अफरा तफरी मच गई। देखते देखते बाढ़ का पानी तिकुनियां-टांडा मार्ग, तिकुनिया-जनकपुर मार्ग और तिकुनिया जसनगर मार्ग पर पानी बहने लगा। ग्राम टांडा निवासी बलराम, नीरज अजय, प्रमोद, बीरबल, ज्वाला आदि ने बताया पानी सड़क पार कर घुसने लगा है। यदि तानी बढ़ता रहा तो गांव से निकलकर सड़कों पर जाना होगा। ग्राम जनकपुर निवासी नंदकिशोर, संतोष, ओमप्रकाश, मोहनलाल ने बताया कि पानी घरों में दो से तीन फुट तक भर गया है। घरों का सामान निकालकर कौडियाला गुरुद्वारा में रखा गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई खबर नहीं लेने आया है। बाढ़ पीड़ितों को गुरुद्वारे के बाबा काला सिंह ने भोजन कराया। बाबा ने प्रशासन से ग्रामीणों को नाव से सुरक्षित निकाले जाने की मांग की है।