सामाजिक, आर्थिक जनगणना 2011 के आंकड़ों में आई हकीकत सामने
मानक की 13 श्रेणियों से छानकर बनाई गई परिवारों की सूची
सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 के आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद जिले की तस्वीर साफ हो गई है, जिसमें 2.68 लाख परिवारों के पास पक्की छत नहीं है। केंद्र सरकार के प्रारूप के अनुसार झुग्गी-झोपड़ी, कच्चे मकानों आदि में रहने वाले परिवारों को 13 श्रेणीवार मानकों को पूरा करने के बाद सूची में शामिल किया गया हैै। सूची मेें संभावित त्रुटियों को दुरुस्त कराने के बाद अंतिम सूची फाइनल कर प्रकाशित कर दी जाएगी। तब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों के चयन का रास्ता साफ हो जाएगा।
बता दें कि पूर्व में वर्ष 2002 की बीपीएल सूची के मुताबिक लोगों को इंदिरा आवास मुहैया कराए गए थे, जिसका सिलसिला 2015-16 तक चलता रहा। हालांकि बीपीएल सूची में दर्ज करीब 3.43 लाख परिवारों में ग्रामीण क्षेत्र में 3.17 लाख तथा नगरीय क्षेत्र में 26 हजार परिवार शामिल थे। इस सूची के सभी लाभार्थी संतृप्त होने पर परिवार के अन्य बालिग सदस्यों को आवास का लाभ दिया गया था। अब सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 के अनुसार पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। 44 लाख की आबादी वाले जिले में 2.68 लाख परिवार ऐसे मिले हैैं, जिनके पास पक्की छत नहीं हैै। इस सूची की विश्वसनीयता पर कई प्रधानों ने सवाल उठाते हुए त्रुटियों को दूर कराने की मांग की थी। इन्हीं शिकायतों को दूर कराने के लिए शासन ने ग्राम पंचायतों में पात्र लाभार्थियों के चयन में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण कराने के आदेश दिए थे। इसके क्रम में डीएम द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय अपीलीय समिति का गठन किया गया है। परियोजना अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि ब्लाक स्तर पर शिकायतें प्राप्त कर वहीं पर जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद ब्लाक स्तर पर तैयार जांच रिपोर्ट जनपद स्तर पर गठित अपीलीय समिति को भेजी जाएगी, जिसका परीक्षण करने के उपरांत अपीलीय समिति शिकायतों का निस्तारण करते हुए अंतिम सूची का प्रकाशन कराएगी। शासन ने मई 2016 के अंत तक अंतिम सूची प्रकाशित कराने के आदेश दिए हैैं।
ये हैं पात्रता के मानक
50 हजार से कम किसान के्रडिट कार्डधारक परिवार, तीन या चौपहिया वाहन न हो, परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में न हो, रजिस्टर्ड फर्म या दुकान न हो, 10 हजार से अधिक मासिक आय न हो, इंकम टैक्स या सेल्स टैक्स न अदा करता हो, घर में फ्रिज न हो, घर में लैंडलाइन फोन न हो, ढाई एकड़ से अधिक जमीन न हो, घर में एक या दो कमरे कच्ची छत के हो,
त्रुटियों के सुधार के लिए लोगों से ब्लाक स्तर पर आपत्तियां मांगी गई हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। मई में ही अंतिम सूची का प्रकाशन करा दिया जाएगा, जिसके अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
-दिनेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक