किसान सहकारी चीनी मिल प्रशासन की लापरवाही बरसात में उजागर हो गई। चीनी मिल में बने टैंक के साथ ही बने गड्ढ़ों में भी शीरा रखा गया था, लेकिन बरसात होने की वजह से शीरा पास के घरों व रास्तों पर बहने लगा है, जिससे कॉलोनीवासियों का जीना दुश्वार हो गया है। कई बार इसको लेकर शिकायत भी की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई इस मामले में नहीं हुई है।
इसको लेकर मिल के शीरा बाबू ने बताया कि डिस्टलरी बंद होने की वजह से शीरा की खपत नहीं हुई, जिसके कारण इसे मिल परिसर में गड्ढ़े बनाकर रखा गया है। दो दिन से हो रही बरसात से यही शीरा पानी के साथ मिलकर कालोनी में बहने लगा है। इसको रोकने के उपाय पूछने पर बताया कि शीरा की बिक्री न होने की वजह के साथ ही डिस्टलरी बंद होने के कारण शीरा को गड्ढ़ों में रखा गया है। इसका कोई खरीददार न होने की वजह से यह पड़ा हुआ है। शीरा अगर बिक जाता है तो समस्या से निजात मिल सकती है। यह भी बताया कि जब आसपास मिलों का शीरा बिक जाएगा तब इस मिल का शीरा लगभग सितंबर माह में बेचा जाएगा। इस बाबत प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायन ने बताया कि बहते शीरे की समस्या उनके पास भी आई है। जल्द ही इस समस्या से निजात दिलाया जाएगा।