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बीमारियों से कराह रहे इलाकाई लोग

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फोटो- 01एलकेएच501
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स्लग- बीमारियों से कराह रहे लोग
सीएचसी में न डॉक्टर मिलते न दवाइयां
बांकेगंज कस्बा सहित ब्लॉक क्षेत्र में फैला वायरल फीवर


अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में लोग बुखार से पीड़ित हैं। आलम यह है कि इन दिनों बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की 50 फीसदी आबादी में मच्छरजनित और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप है। इसके चलते सैकड़ों परिवार इसकी चपेट में आकर कराह रहे हैं। बावजूद इसके अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को वहां न डॉक्टर मिलते हैं न ही दवाइयां। दो दिन पहले औचक निरीक्षण पर सीएचसी पहुंचे सीएमओ और एडीशनल सीएमओ को अस्पताल में पसरी गंदगी मिलने के अलावा एक डॉक्टर गैरहाजिर मिला तो एक डॉक्टर का उपस्थिति पंजिका में अवकाश प्रार्थना-पत्र मिला।
इलाकाई लोगों प्रमोद सिंह, अंग्रेज सिंह, राम सिंह, ध्रुव सिंह, मनोज, अनवार अली, नावेद खां, अरुण कुमार, कौशल्या देवी, माया, रामजती, सुदामा, लक्ष्मी देवी आदि ने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों को तेज बुखार आने के बाद उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले जाते हैं तो वहां न डॉक्टर मिलते हैं न दवाई। फार्मासिस्टों के सहारे चल रहे अस्पताल में बीमारियों से जूझ रहे लोगों को लाल, हरी, पीली और नीली गोलियां थमाकर उन्हें टरका दिया जाता है। इसके चलते बुखार से कराह रहे लोगों को प्राइवेट चिकित्सकों और झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते इलाकाई लोगों में रोष है। व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद माहेश्वरी, रवी कुमार जायसवाल, हरीकिशन गोयल, गोल्डी गोयल, अनिल टंडन, कृष्ण किशोर मिश्र आदि ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सीएचसी की दशा में सुधार की मांग की है। सुनवाई न होने पर अस्पताल परिसर में धरना की चेतावनी दी है।
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महीने में चार दिन ही सीएचसी आते हैं डॉक्टर
इलाकाई लोगों का आरोप है कि यहां तैनात डॉक्टरों के लिए सीएचसी वरदान साबित हो रही है। यहां दस साल से भी अधिक समय से डॉ. सामंत राव सामी तैनात हैं, जो अस्पताल में मरीजों को देखने के बजाय आवास में ही रहना अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा डॉ. राजेश बहादुर महीने में मात्र चार दिन ही सीएचसी आते हैं। बाकी दिनों में बाहर रहते हैं। आरोप है कि दोनों डॉक्टरों का ट्रांसफर मितौली और तिकुनियां सीएचसी हो गया था। बावजूद इसके आरामदेह बांकेगंज सीएचसी से इनका मोह नहीं छूट पाया।
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वर्जन-
हाल ही में चार्ज संभाला है। मंगलवार को मैने बांकेगंज सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल परिसर में गंदगी फैली थी। सीएचसी का हाल बहुत खराब था। बिगड़े सिस्टम में सुधार लाने में थोड़ा समय लगेगा। लापरवाह कर्मियों और डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ, खीरी।
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