फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी नहर स्केप में पानी छोड़ा,फसलें हुई तबाह

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
बड़ी नहर स्केप में छोड़ा पानी, फसलें हुईं तबाह
सिंचाईं विभाग की लापरवाही से पानी और फसलें दोनों हो रहीं बर्बाद
फोटो- 29एलकेएच 501
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। सिंचाई विभाग की लापरवाही का खामियाजा ढाका क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को बड़ी नहर का पानी कुकरा स्केप में छोड़ दिया गया। बड़ी नहर के तेज बहाव का पानी स्केप से ओवरफ्लो होकर इससे सटे किसानों की गन्ना फसल और धान के लिए डाली गई पौध में कमर तक भर गया। मंगलवार सुबह फसलों को देखने पहुंचे किसानों को हाड़तोड़ मेहनत के बाद उगाई गई फसलों में कमर तक पानी भरा देख उनके होश उड़ गए। स्केप का पानी लगातार दो दिनों तक चलने से फसलों की बर्बादी का दायरा बढ़ता ही चला गया। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है।
दो दिनों तक बड़ी नहर स्केप में पानी छोड़े जाने से बांकेगंज, ढ़ाका, कुकरा, हरदुआ, पूरनपुर, जटपुरा आदि गांव के किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना फसल और धान के लिए डाली गई पौध, बरसीम की फसलें जलमग्न हो गईं। सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलों में कमर तक पानी भरने से किसान तबाही के कगार पर हैं। फसलों में पानी भरने से तबाह हुए ढाका प्रधान रामकिशुन, हैप्पी सिंह, मोहम्मद जाबिर,साधू सिंह सहित 50 से अधिक किसानों ने बताया कि स्केप का पानी ओवरफ्लो होकर बरौछा नाले से सटे किसानों के खेतों खड़ी फसलों में भर गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग कर्मचारियों की मनमानी के चलते कुकरा स्केप में पानी अक्सर छोड़ दिया जाता है। इससे पानी और फसल दोनों की बर्बादी होने के बाद भी विभागीय अफसर बेखबर हैं। इससे परेशान किसानों ने विभागीय अधिकारियों सहित शासन-प्रशासन से कुकरा स्केप में छोड़े जाने वाले पानी को रोकने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट..
किसान बोले,पैसे के लालच में स्थानीय कर्मी स्केप में छोड़ते हैं पानी..
क्षेत्रीय किसान ढाका प्रधान रामकिशुन, मोहम्मद जाबिर, हैप्पी सिंह, साधू सिंह आदि ने आरोप लगाया कि स्थानीय सिंचाई विभाग के कर्मी मछली का व्यापार करने वाले लोगो से पैसा लेकर कुकरा स्केप में पानी छोड़ देते है। पानी छोड़े जाने के बाद लोग बरौंछा नाले में मछली का शिकार कर उन्हें बाजार में बिक्री कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों का कहना है कि विभागीय कर्मियों के थोड़े पैसे के लालच में फसलों और पानी दोनों की बर्बादी कर वे मौज उड़ा रहे हैं।
वर्जन-
मामला संज्ञान में आया है। किसानों की शिकायत जायज है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
- ओपी वर्मा,एक्सईएन, सिंचाई खंड (प्रथम)।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें