गोला गोकर्णनाथ।
महाशिवरात्रि पर 13 फरवरी की रात्रि पौराणिक शिव मंदिर के निकट नीलकंठ मैदान में महा रुद्राभिषेक और पार्थिव पूजन का पांचवा आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में पार्थिव शिवलिंग की 54 वेदियों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 108 यजमान सपत्नीक भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।
आयोजक एवं आचार्य पंडित रामदेव शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि को जो भक्त व्रत रखकर पूरी रात जागरण कर भगवान शिव का पूजन अर्चन करता है, उस पर भोलेनाथ की विशेष कृपा रहती है। इस पवित्र रात्रि में भोलेनाथ और महाशक्ति का मिलन हुआ था। पुराणों में महाशिवरात्रि पर शिव के अभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। महाशिवरात्रि पर होने वाले महारुद्राभिषेक में संतान, सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए दूध से, धन की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से, यश प्राप्ति के लिए शहद और जीवनपर्यंत स्वस्थ रहने के लिए औषधि से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा।
दीपक शर्मा और आयोजक एवं आचार्य पंडित रामदेव शास्त्री पार्थिव शिवलिंग बनाने में जुटे हुए हैं। आयोजन में एसडीएम योगानंद पांडे, नायब तहसीलदार विकास दुबे, अतुल अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, उमेशचंद्र राय, पंकज गुप्ता सहित 108 यजमान सपत्नीक शामिल होंगे।
1700 दीपों से होगा दीप यज्ञ
महाशिवरात्रि की शाम छह बजे दीपक सक्सेना और संतोष सक्सेना के नेतृत्व में गोकर्ण तीर्थ पर दीप यज्ञ किया जाएगा। जिसमें आयोजक दीपों की व्यवस्था करेंगे।