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शावक देख सर्वे कर रही टीम उल्टे पांव लौटी

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शावक देख सर्वे कर रही टीम उल्टे पांव लौटी
फूलबेहड़ में बाघिन और शावक की आमद से दहशत
वन विभाग ने निगरानी के लिए लगाई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल (लखीमपुर खीरी)। सदर कोतवाली क्षेत्र के बन्नी गांव में दो शावकों के साथ बाघिन देखे जाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि रविवार को फूलबेहड़ के बड़ागांव भूड़ में सर्वे कर रही राजस्व टीम खेत में शावक देख पीछे लौट गई। किसानों में भी खौफ है। ग्रामीण अपने खेतों की तरफ जाने से डरने लगे हैं। सूचना मिलने पर वन कर्मियों ने मौका मुआयना किया।
फूलबेहड़ के बड़ागांव भूड़ में रविवार को क्षेत्रीय लेखपाल राजेंद्र कुमार बाढ़ में नुकसान हुई फसल का सर्वे करने गये थे। साथ में उनका मुंशी तुफैल अहमद और गांव के रजनीश कुमार शाहू, चैनू, महेश मौर्य समेत कई ग्रामीण भी थे। बताते हैं टीम में शामिल लोगों ने जमालू के धान के खेत में शावकों को उछलते कूदते देखा, जिससे सभी लोग उल्टे पांव भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने शावक के साथ बाघिन की मौजूदगी का भी अंदेशा जताया है। जब यह बात अन्य लोगों तक पहुंची तो लोगों ने खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है। ग्रामीणों की सूचना पर फारेस्ट गार्ड कुलदीप और वाचर जगतपाल मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों की माने तो उन्हें कोई बाघ या तेंदुआ नजर नहीं आया। फॉरेस्टर रविंद्र सचान ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम को भेजा गया था। पशु की मौजूदगी के कोई निशान नहीं मिले हैं। फिर भी टीम निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को एहतियातन सचेत भी रहने को कहा गया है।
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सामने तेंदुआ खड़ा देख उड़े युवक के होश
आननफानन में भागकर बचाई जान,
वन कर्मियों की टीम कर रही तेंदुए की निगरानी
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में सक्रिय तेंदुआ आबादी के आसपास अपना ठिकाना बना लिया है। रविवार सवेरे चौधीपुर गांव के निकट एक खेत में शिकार की तलाश में बैठा तेंदुआ शौच गए युवक के सामने खड़ा हो गया। तेंदुआ सामने देख युवक के होश उड़ गए और वह उल्टे पांव वहां से भाग खड़ा हुआ।
चौधीपुर गांव निवासी ओप्रकाश रविवार सवेरे छह बजे करीब घर से शौच के लिए खेतों की ओर गया था। ओमप्रकाश अभी खारजा नहर की पटरी तक ही पहुंचा था कि रोड किनारे वरसीम के खेत में उसे एक तेंदुआ खड़ा दिखाई दिया। तेंदुआ को सामने खड़ा देख उसके होश उड़ गए और वह उल्टे पांव वहां भाग खड़ा। युवक ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते इससे पहले तेंदुआ गन्ने खेत में घुस गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक माह से अधिक समय से सक्रिय तेंदुएं ने आबादी के निकट अपना ठिकाना बना लिया है। तेंदुआ गांव के निकट खीरी ब्रांच नहर के खारजा स्केप से सटे पुराने भट्ठे में खड़ी लंबी झाड़ियों के बीच छिपा बैठा रहता है और मौका पाते ही तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर ग्रामीणों की पालतू बकरियों और कुत्तों पर हमला कर उन्हें अपना निवाला बना रहा है। तेंदुआ एक माह के अंदर ग्रामीणों की डेढ़ दर्जन से अधिक पालतू बकरियों और दो दर्जन के करीब कुत्तों को अपना निवाला बनाने के अलावा एक ग्रामीण पर झपट्टा मारने की कोशिश कर चुका है। इसकेेे लेकर ग्रामीणों में दहशत है।
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आबादी के पास सक्रिय तेंदुए के आतंक से परेशान गांव चौधीपुर, पूरनपुर, हरदुआ आदि के ग्रामीणों राजाराम, प्रहलाद, ओमप्रकाश, अंग्रेज सिंह, कमलेश कुमार, द्वारिका, रामपाल आदि का कहना है कि जटपुरा बीट जंगल से निकला तेंदुआ आबादी के पास मंडरा रहा है। तेंदुए की दहशत से ग्रामीणों की आंखों की नींद उड़ी हुई है। ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे है। इस बाबत रेंजर मैलानी डीएस यादव का कहना है कि वन कर्मियों की टीम तेंदुए की निगरानी कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने का संदेश दिया है।
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