एसएसबी बीओपी के गौरीफंटा बार्डर पर तैनात एसएसबी जवान ब्रह्म नारायण शर्मा ने दो नवंबर 2017 को अपनी सरकारी इंसास राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद उनकी पत्नी अपनी सात साल की बच्ची और माता-पिता के साथ गौरीफंटा कोतवाली पहुंची। उन्होंने विभाग पर सहायता न करने का आरोप लगाया है और घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
39वीं वाहिनी एसएसबी गौरीफंटा बटालियन में हेड दीवान के पद पर तैनात ब्रह्म नारायण शर्मा(32) ने अपनी सरकारी इंसास राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के दिन जवान दो बजे से रात आठ बजे तक ड्यूटी पर था। पेशाब का बहाना बनाकर कैंप से सौ मीटर की दूरी पर जाकर उसने आत्महत्या की थी। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद बुधवार को मृतक जवान की पत्नी राधा, पिता कैलाश नारायण, मां और अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ गौरीफंटा कोतवाली पहुंची। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना से कुछ देर पहले फोन पर बेटे से बात हुई। बात करने में सब कुछ ठीकठाक था। रात में आठ बजे के बाद फोन करने की बात भी कही थी, लेकिन कैसे यह कदम उठा लिया। वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि विभाग की तरफ से भी उनको कोई सहायता नहीं मिली है और न ही विभाग कोई सहयोग कर रहा है। आरोप लगाया कि पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों ने मिलकर सही तथ्यों को छिपाकर मामला रफा-दफा कर दिया है। परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराकर सही तथ्यों को सामने लाए जाने की मांग की है।