पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। कई वर्षों से भीरा रोड के किनारे जीवन यापन करने वाले लगभग एक दर्जन से अधिक परिवारों को सरकार ने मटैहिया में भूमि देकर बसाया था। मटैहिया में बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं। इसी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही बाढ़ के समय कहीं अन्य स्थान पर बसाने की मांग भी की है।
पलिया-भीरा रोड पर रोड के किनारे बसे ग्रामीणों को अन्य जगह बसाने की कवायद करते हुए पिछली सरकार ने उनको जमीन मुहैया कराई थी। जिसके बाद ग्रामीणों को बसाने का सिलसिला शुरू हुआ और नई सरकार बनते ही ग्रामीणों को मटैहिया में भूमि देकर उनको बसा दिया गया। लेकिन हर साल आने वाली बाढ़ की विभिाषिका झेलने वाले मटैहिया गांव में इस बार भी बाढ़ ने कहर मचाया है। बाढ़ का पानी घरों में भर गया है। जिसके कारण रोड किनारे से मटैहिया में बसाए गए ग्रामीणों के घरों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों के घरों में कई दिनों से खाना तक नहीं बना है। बीती छह अगस्त से सभी के घर जलमग्न हो गए हैं। तहसील प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि वहां न पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छेददूलाल, पवन कुमार, बांकेलाल, गंगाराम, छोटेलाल, मटरू, जगदीश, रामचंद्र, शिवलाल, रामसागर, राजकुमार, राकेश, तोताराम, भूपेंद्र, बांके, सुशील, संजय, सरजीत, तरसेम, संतोष, कमलजीत, राजीव आदि ने प्रशासन से बाढ़ के समय कहीं अन्य स्थान पर बसाने की मांग की है।