वर्ष 2008-09 में शुरू हुई पाइका योजना के अंतर्गत जिले के 995 ग्राम पंचायतों में बनने वाले खेल मैदान सिर्फ 181 पंचायतों में ही बन पाए। 814 ग्राम पंचायतों में छह वर्षों तक खेल मैदान के लिए जमीन नहीं मिल पाई, अब यह योजना भी बंद कर दी गई है।
जिले में पाइका योजना वर्ष 2008-09 में शुरू की गई थी। जिसमें ग्राम पंचायतों में तीन बीघा जमीन पर खेल मैदान बनाया जाना था और ब्लाक मुख्यालयों पर मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाना था। इन जगहों पर खेल उपकरण उपलब्ध कराकर क्रीड़ा श्री के जरिए खेल की गतिविधियों को बढ़ावा देना था। आंकड़ों पर गौर करें तो पाइका योजना में सिर्फ 181 ग्राम पंचायतों में ही खेल मैदान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध हो पाई। अन्य पंचायतों के प्रधानों और सेक्रेटरियों ने जमीन उपलब्ध कराने में दिलचस्पी नहीं ली। ब्लाक मुख्यालयों में जिले के निघासन, मितौली और बेहजम ब्लाक में ही मिनी स्टेडियम बन पाए हैं। अन्य जगहों पर इस योजना के अंतर्गत कोई काम नहीं हुआ है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में पाइका योजना 10 वर्ष के लिए लागू की गई थी, लेकिन 2014-15 के आखिर में ही योजना को बंद कर दिया। छह वर्षों तक जिले में संचालित इस योजना से लोगों को कोई खास फायदा नहीं हुआ। इस संबंध में जिला युवा कल्याण अधिकारी नईमुल्ला खां का कहना है कि पाइका योजना में जमीन की कमी आड़े आई, जिसकी वजह से ग्राम पंचायतों में अपेक्षित खेल मैदान नहीं तैयार हो सके।