झुंड से बिछड़े हाथी ने वन कर्मियों को दौड़ाया
निघासन। जंगली हाथियों के हमले से बुजुर्ग की मौत के बाद से दहशत है। उधर, कॉबिंग कर रही वन विभाग की टीम को हाथी ने दौड़ा लिया। टीम ने कई राउंड हवाई फायर कर अपनी जान बचाई। सोमवार को वन विभाग ने दावा किया कि तीनों हाथी मंझरा जंगल में चले गए हैं। हाथी के डर से बंगलहा गांव के लोग रात भर शोर करते रहे। रविवार सुबह से ही हाथियों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया था। दरेरी और प्रसादपुरवा के चार लोगों को घायल करने के बाद अपने साथियों से बिछड़े एक हाथी ने बंगलहा और चखरा में भी जमकर तांडव मचाया। गांव बंगलहा निवासी रामेश्वर समेत तीन लोगों पर हमला बोल दिया। रामेश्वर की जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं बंगलहा कुटी निवासी घायल गोपी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जाता है। पांच घायलों की इलाज के बाद सीएचसी से छुट्टी दे दी गई। रविवार रात करीब आठ बजे बंगलहा कुटी के प्राथमिक विद्यालय के पास एक ग्रामीण ने हाथी होने की सूचना दी, जिससे ग्रामीण लाठी-डंडा और अन्य चीजें लेकर शोर मचाते हुए स्कूल के पास पहुंचे, लेकिन वहां हाथी दिखाई नहीं पड़ा। उधर हाथी की तलाश में डीएफओ एके पटेल, रेंजर पलटू राम राना, फील्ड डायरेक्टर रमेश पांडे, दो एसडीओ चखरा जंगल से होते हुए भिडौरा जंगल पहुंचे। वहां पर ड्रोन कैमरे से हाथी की निगरानी कर रहे थे। इसी बीच सिंगाही निवासी पैकरमा के खेत से निकले हाथी ने वन विभाग की टीम पर धावा बोल दिया। टीम ने मोर्चा संभालते हुए कई राउंड हवाई फायरिंग की। कुछ वन कर्मी जंगल में जा छिपे। फायरिंग के चलते हाथी उल्टे पांव लौट गया। उधर गमगीन माहौल में सोमवार सुबह रामेश्वर का अंतिम संस्कार किया गया।