दो अलग अलग जगहों पर बाघों ने हमला कर दो लोगों को घायल कर दिया। मोहम्मदी रेंज में अयोध्यापुर गांव निवासी 47 वर्षीय कंधई गन्ने के खेतों में चारे के लिए पत्तियां काटने गया था। जहां खेतों में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उधर भीरा रेंज अंतर्गत कुकरा गांव निवासी 40 वर्षीय रामपाल अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। सुबह करीब सात बजे जंगल से निकले बाघ ने रपटापुल के पास उसपर हमला कर दिया। इसमें रामपाल गंभीर घायल हो गया। बाघ हमले से गुस्साए ग्रामीण घायल को लेकर मोहम्मदी रेंज पहुंच गए और रेंज कार्यालय का घेराव कर दिया। बाद में वहां जमकर तोड़फोड़ की और दफ्तर में आग लगा दी। ग्रामीणों ने धरना देकर सड़क जाम कर दी। इस दौरान चार वनकर्मियों को भीड़ ने खींच लिया। दोनों की पिटाई कर दी और उनकी राइफलें और बंदूकें छीन लीं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम, सीओ और कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। एसडीएम के समझाने के बाद ग्रामीणों ने पांच घंटे बाद जाम खोला।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज जंगल के रास्ते होकर रिश्तेदारी में जा रहे एक युवक पर जंगल से निकले एक बाघ ने हमलाकर उसे गंभीर घायल कर दिया। हालांकि वन विभाग का कहना है कि युवक जंगल के अंदर धरती के फूल बीनने गया था। साथियों के शोर मचाने पर बाघ युवक को छोड़कर जंगल में अंदर चला गया। घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल लखीमपुर में भर्ती कराया गया है।
कुकरा गांव के पसियाना मोहल्ला निवासी 40 वर्षीय रामपाल बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे अपने फुफेरे भाई कमलेश के साथ अंबारा गांव स्थित अपने बहनोई के यहां जा रहा था। भीरा-कुकरा रोड पर रपटा पुल के निकट जंगल से निकले एक बाघ ने अचानक रामपाल पर हमला कर दिया। इसके साथ चल रहे परिवारीजनों और राहगीरों के शोर मचाने पर बाघ भागकर जंगल में चला गया। रामपाल के जबड़े पर बाघ का पंजा लगने चेहरा लहूलुहान हो गया। इस हमले में युवक की गर्दन और दहिना कंधा भी घायल हो गया। परिवारीजनों ने इलाज के लिए रामपाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है जहां वह खतरे से बाहर है।
बाघ हमले के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। वन विभाग का कहना है कि कुकरा निवासी रामपाल परिवारीजनों और ग्रामीणों के साथ भीरा रेंज के पड़रिया बीट की कंपार्टमेंट 5 हीराकुंआ में धरती के फूल बीनने गया था। जहां बाघ ने उस पर हमला किया है। घटनास्थल पर बाघ के पदचिह्न और धरती के फूल बिखरे पाए गए हैं।
ममरी। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे कठिना नदी के नाऊघाट पर खेत में गन्ने की पत्ती तोड़ने गए हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अयोध्यापुर निवासी 45 वर्षीय कंधईलाल को गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। घटना जंगल के बाहर देवीपुर बीट में करीब 100 मीटर की दूरी पर हुई। खेतों में मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ उसे गंभीर घायल कर गन्ने में चला गया।
घटना से गुस्साए अयोध्यापुर और सुंदरपुर के गांव वालों ने बाघ के हमले में घायल ग्रामीण को महेशपुर रेंज कोठी गेट के सामने रखकर रोड जाम कर जमकर हंगामा किया और गेट खोलकर कोठी में जमकर तोड़फोड़ की। दफ्तर और गोल बंगले को आग लगा दी। साथ ही वन दरोगा राम प्रसाद और धर्मेंद्र श्रीवास्तव, फारेस्ट गार्ड राजेश कुमार और वाचर को लोहे की राड और लाठी डंडों से पिटाई कर गंभीर घायल कर दिया और उनकी रायफल और बंदूके छीन लीं। उत्तेजित भीड़ ने रेंज परिसर में खड़े वाहन तोड़ डाले। गुस्साई भीड़ के सामने मौजूद पुलिस भी लाचार दिखी। भीड़ ने आग बुझाने पहुंचे दमकल कर्मियों को वापस लौटा दिया। इतना सब होने के बाद भी जिले का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ गोला अभिषेक प्रताप, इंसपेक्टर प्रमोद कुमार मिश्र सीओ मोहम्मदी विजय आनंद, इंसपेक्टर डीके सिंह भी मय फोर्स मौके पर पहुंचे। जिन्होंने भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन उनकी भी नहीं चली। पुलिस ने मशक्कत के बाद घायल कंधईलाल को यूपी100 गाड़ी से सीएचसी गोला पहुंचाया। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय और बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया है। एसडीएम के समझाने पर जाम करीब पांच घंटे बाद खुल सकी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के प्रभारी डीएफओ डॉ. अनिल कुमार पटेल ने अलग अलग घटनाओं में दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। साथ ही यह भी कहा है कि तोडफ़ोड़, आगजनी और वनकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।