पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को धौरहरा तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर बाढ़ कटान पीड़ितों का दर्द जाना। उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरे पर तंज कसा। कहा, सीएम आए और लइया चना बांटकर चले गए। बाढ़ पीड़ितों से मिलना तो दूर उनकी समस्याओं को जानने की भी कोशिश नहीं की। यहां बाढ़ से परेशान लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ फोटो खिंचवाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ित अपना सब कुछ गंवाने के बाद अब एक-एक दाने को परेशान हैं। यहां जिन लोगों के घर बाढ़ में बह गए हैं वह अपने परिवारों को लेकर खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ आस जगी थी, लेकिन वह भी सिर्फ दूर से हाथ हिलाकर चले गए। उन्होंने राहत के नाम पर लइया चना देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
श्री प्रसाद ने शुक्रवार को धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव सहाबुद्दीनपुरवा में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी तकलीफ जानने और सुनने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि धौरहरा में बाढ़ से अपने मकान एवं खेत गवां चुके लोगों को मुआवजा देना तो दूर मुख्यमंत्री ने मिलना भी मुनासिब नही समझा। जिले में बार-बार मुख्यमंत्री आते हैं और सिर्फ हवाई सर्वे करके यहां के अधिकारियों से मशविरा कर चले जाते हैं। मुख्यमंत्री को यहां आकर पीड़ितों से मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का निदान कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धौरहरा के सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए वह हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। जब तक हर पीड़ित को उसका हक नही मिलता तब तक सरकार से उनकी लड़ाई जारी रहेगी। इससे पहले जितिन प्रसाद कटौली में स्थित आंख के परीक्षण कैंप में पहुंचे यह कैंप श्राफ चैरिटी आई हास्पिटल मोहम्मदी ने आयोजित किया। इस कैम्प में 300 से ज्यादा मरीजों का नि:शुल्क आंख का परीक्षण किया गया और औषधियां दी गयीं।
इस दौरान उनके साथ अशोक सक्सेना डॉ. देवराज़ सिंह, राजीव अग्निहोत्री, राघवेंद्र सिंह, सुजीता कुमारी, पप्पू वर्मा, कमलेश मिश्रा, नवीन पांडेय, जमाल अहमद, गणेश प्रताप सिंह, सर्वेश, राजेश अवस्थी, रामेंद्र शुक्ला, ओम प्रकाश गुप्ता, जीतू भार्गव, सुशील श्रीवास्तव, अनिल गुप्ता, रामजी सेठ, आदि मौजूद रहे।