विमल पान मसाला में मिला
खतरनाक रसायन गैंबियर
खाने के लिए असुरक्षित, लैब जांच में हुआ खुलासा
नेशनल सुपारी का नमूना मिला मिसब्रांड
मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में एफएसडीए
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने विमल पान मसाला की लैब जांच कराई है, जिसमें मानव स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक रसायन गैंबियर पाया गया है। कत्थे की जगह गैंबियर का प्रयोग किया गया है, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वहीं नेशनल सुपारी का नमूना मिस ब्रांड पाया गया है। एफएसडीए ने दोनों नमूनों के मामले में मुकदमा दायर कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अभिहित अधिकारी डॉ अमर सिंह वर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनूप सिंह की टीम ने अभियान के दौरान 22 नवंबर 2017 को मैगलगंज में पप्पू की दुकान से विमल पान मसाला का नमूना लिया था। इसे लैब जांच के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां से अब रिपोर्ट प्राप्त हुई है। लैब रिपोर्ट के मुताबिक पान मसाला में कत्थे की जगह गैंबियर रसायन का प्रयोग किया गया है, जो पूर्णतया स्वास्थ्य के लिहाज से असुरक्षित है। इसके प्रयोग से गले की बीमारियां होती हैं, जिसमें कैंसर प्रमुख है।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि निर्माता विष्णु पाउचेज रथधना रोड लिवासपुर, सोनीपत (हरियाणा) और दुकानदार पप्पू निवासी मैगलगंज के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा। वहीं मोहम्मदी में ओमनाथ गुप्ता की दुकान से लिया गया नेशनल सुपारी का नमूना मिस ब्रांड मिला है, जिसमें पैकिंग एवं पैकेजिंग नियमों का उल्लघंन किया गया है। इसके लिए संबंधित दुकानदार के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि दोनों मामलों में मुकदमा दायर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।