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धमाके के बाद दुकानें छोड़कर भागे व्यापारी

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आग - फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। सब्जी मंडी की संकरी गलियां और व्यस्त बाजार होने के कारण हर समय वहां भीड़ बनी रहती है, जिस समय हादसा हुआ उस समय भी बाजार में काफी भीड़ थी। आग लगते ही वहां अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। यहां तक की दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर भाग खड़े हुए। यह तो गनीमत रही कि भगदड़ में कोई हादसा नहीं हुआ, वरना यह भगदड़ भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
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शहर की सब्जी मंडी की गलियां काफी संकरी हैं और पूरे फुटपाथ पर सब्जियों की दुकानें सजी रहती हैं। ऐेसे में निकलने के लिए जगह काफी कम होती है। कोई बड़ा हादसा हो जाने पर राहत और बचाव में भी काफी दिक्कतें आती हैं। पंकज शुक्ला पूड़ी वाले के घर में सिलेंडर फटने से लगी आग और उसके बाद हुए तेज धमाके से लोग दहल उठे। इस दौरान भरभराकर दूसरी मंजिल की इमारत ढहने से आसपास के लोग दहशत में आ गए और घरों से निकलकर भागने लगे।

मंडी में नहीं थी ग्राहकों की भीड़
जिस समय हादसा हुआ उस समय मंडी में दुकानें तो लगी हुईं थीं, लेकिन ग्राहकों की कोई खास भीड़ नहीं थी। शाम चार बजे के बाद सब्जी मंडी की हालत यह हो जाती है कि यहां पैदल निकलना भी मुश्किल रहता है।
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दमकल को मौके पर पहुंचने में उठानी पड़ीं दिक्कतें
गैस सिलेंडर फटने और आग लगने की सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ियां सूचना के 10 मिनट के भीतर ही सब्जी मंडी में पहुंच गईं, लेकिन सड़कों पर हुए अतिक्रमण के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने आननफानन में दुकानें हटवाईं, तब बमुश्किल एक गाड़ी मौके तक पहुंची।

दूसरी मंजिल से मिले आठ सिलेंडर
जिस स्थान पर सब्जी बनाई जा रही थी वहां पर आठ घरेलू गैस से भरे सिलेंडर रखे मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने अपने सुपुर्द लिया है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गैस रिसाव हो रहा था, जिससे आग लगी। वहां काम कर रहे लोग जलती आग को बुझाने के बजाय बाहर निकल आए। यदि सिलेंडर को बाहर निकालकर आग बुझाने का प्रयास करते तो शायद घटना बच सकती थी। मौके से आठ भरे गैस सिलेंडर मिले हैं।
- भरत राम, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी

यह बरतें सावधानियां
0 सिलेंडर से तनिक भी लीकेज का आभास होता है तो जलती हुई बीड़ी, सिगरेट आदि तुरंत बुझा दें। जब तक गंध पूरी तरह से समाप्त न हो जाए, माचिस न जलाएं।
0 लीकेज सिलेंडर को तुरंत घर के बाहर निकालकर खुले में रख दें और गैस एजेंसी को सूचित कर लीकेज बंद करने का प्रयास करें।
0 गैस का रबड़ पाइप अधिक पुराना होने पर बदल दें।
0 गैस जलाने से पहले सुनिश्चित कर लें की गैस की गंध तो नहीं आ रही।
0 एक ही कमरे में गैस चूल्हा, अंगीठी और बिजली का स्टोव न रखें।
0 गैस सिलेंडर हमेशा खड़ा रखें।
0 आग लगने पर पानी मत डालिए, बल्कि उसे फोम एक्सटिंग्युशर या मिट्टी और बालू डालकर बुझाइए।


डीएम ने दिए सिलेंडर फटने
के मामले की जांच के निर्देश
डीएम शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने सिलेंडर फटने के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह ने मौका मुआयना किया और रिपोर्ट दी है। साथ ही डीएसओ और फायर बिग्रेड को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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