शहीद डॉ. रामाशीष सिंह को अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ पलिया तहसील की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई। स्टेशन चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें उनको याद किया गया।
कौशल प्रजापति ने शहीद डॉ. रामाशीष सिंह को याद करते हुए कहा कि हम लोग पिछले वर्ष शांति पूर्ण तरीके से पुरानी पेंशन बहाली की मांग लखनऊ की सड़कों पर कर रहे थे, तभी अचानक पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज कर दिया। इसमें भाई रामाशीष की मौत हो गई। धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि जब एक बार विधायक और सांसद चुने जाने पर उन्हें पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हम लोग 30 से 35 वर्ष विभाग की सेवा करने के बाद भी पेंशन के हकदार नहीं हैं। श्रद्धांजलि सभा को दिलीप कुमार, विमल कुमार, आशीष शर्मा, राज्यवर्धन सिंह आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर दीपक कुमार, अशोक श्रीवास्तव, सतपाल सिंह, पंकज तिवारी, कनक प्रभा आदि मौजूद रहे।
धौरहरा। बीते साल सात दिसंबर को लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हुए आंदोलन में अटेवा के डॉ. रामाशीष की पुलिस लाठीचार्ज में मौत हो गई थी। शुक्रवार को अटेवा के कई शिक्षकों ने उन्हों श्रद्धांजलि दी। बाद में एक कैंडल मार्च भी निकाला गया।
अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय बंधु के आह्वान पर देर शाम अटेवा के कई शिक्षक बीआरसी पर एकत्र हुए। इन शिक्षकों ने दिवंगत डॉ. रामाशीष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और मोमबत्ती जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर राममिलन भार्गव, जगजीवन लाल, दिनेश वर्मा और हरिशंकर राम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। श्रद्धांजलि सभा के बाद निकले कैंडल मार्च में हनुमान प्रसाद मौर्य, सरोज वर्मा, अवधेश वर्मा, वसीम अहमद धीरेंद्र सिह सेंगर, अमित सिह, दिनेश सिंह आदि शामिल रहे।