दुधवा में अलर्ट फिर भी हो रही घुसपैठ
बांकेगंज। डीटीआर बफरजोन में चार माह के अंदर चार जगह शिकारियों के पकड़े जाने से यह साफ हो गया है कि अलर्ट के बावजूद शिकारी बाज नहीं आ रहे हैं। बाफरजोन में जंगली सुअर और हिरन की विभिन्न प्रजातियों का शिकार कर मांस और खाल का कारोबार कर रहे हैं। इनका नेटवर्क मजबूत होने के कारण यह बहुत मुश्किल से पकड़ में आते हैं।
बफरजोन की मैलानी रेंज में शनिवार रात पकड़े गए तीन शिकारियों ने पूछताछ में बताया कि वे मौका पाकर जंगली सुअर और हिरन आदि का शिकार करते हैं। उनका मांस ग्रामीणों के हाथों मंहगे दामों पर बेंच देते हैं। जिस समय वन कर्मियों की टीम ने इन्हें पकड़ा उस समय ये शिकार की फिराक में थे। बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज वन्यजीव बहुलता वाले जंगल हैं। इसके चलते यह क्षेत्र शिकार के लिहाज से काफी संवेदनशील है।
इससे पहले सितंबर में बफरजोन की भीरा रेंज की उत्तर किशनपुर बीट में वन विभाग के हत्थे तीन शिकारी चढ़े थे और 11 लोग फरार हो गए थे। इसके अलावा 25, 27 नवंबर और छह जनवरी 2019 को क्रमश: पलिया के पतेरा और मझगई रेंज के जंगल में शिकार का प्रयास करने के आरोप में कई शिकारी पकड़े जा चुके हैं। साथ ही कतर्नियाघाट की मोतीपुर रेंज में इंटरनेशनल गोल्फर ज्येति सिंह रंधावा व उसके साथी महेश बिरजदार को शिकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों की न्यायालय ने जमानत निरस्त कर दी और सभी जेल में हैं।
किशनपुर सेंक्चुरी में रातभर हुई कांबिग
डीटीआर बफरजोन के मैलानी रेंज में शनिवार रात शिकार के प्रयास में पकड़े गए शिकारियों के बाद दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक महावीर कौजलगि ने वार्डेन एसके अमरेश, तौफीक अहमद, रेंजर नसीम अहमद और वन कर्मियों की टीम के साथ किशनुपर सेंक्चुरी की सुल्तानपुर, मड़हा, जटपुरा आदि सेक्शनों में पूरी रात कांबिग की। डीडी ने बताया कि कांबिग के दौरान जंगल के अंदर न तो कोई घुसपैठिया मिला और न ही कोई अवांछित गतिविधि पाई गई।
दुधवा नेशनल पार्क और डीटीआर बफरजोन में जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अफसर और वनकर्मी लगातार कांबिग कर रहे हैं। डीटीआर बफरजोन में चार माह के दौरान शिकार का प्रयास करने के आरोप में चार शिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
- रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व।