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झाले में घुसा बाघ, दहशत
पटाखे दागकर ग्रामीणों ने मचाया शोर तो गन्ने में चला गया बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। वनरेंज मोहम्मदी-महेशपुर क्षेत्र में बाघों ओर तेंदुओं के बढ़ती सक्रियता से न केवल लोगों की नींद उड़ी हुई है, बल्कि दहशत के कारण गन्ना कटाई और खेतीबाड़ी का काम भी प्रभावित हो रहा है। बाघों के डर से क्षेत्र के किसान खेत जाने से और बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। बाघों के बढ़ते हमले रोकने में महकमा लाचार साबित हो रहा है।
मंगलवार सुबह ग्राम पंचायत ममरी के मजरा परसेला गांव के पास गन्ने के खेत में छुट्टा गाय पर हुए तेंदुए के हमले को लोग अभी भुला नहीं पाए थे कि मंगलवार की शाम सात बजे बाघ ने घमहाघाट निवासी लालसिंह के झाले पर सातवीं बार धाबा बोल दिया। जिसे देख झाला वासियों के शोर मचाने, पटाखे दगाने पर बाघ गन्ने में चला गया। बाघ रात तीन बजे घमहाघाट निवासी बलिहार सिंह के झाले में जा घुसा। बाघ खड़ा देख झाला वासियों ने शोर मचाते हुए ट्रैक्टर स्टार्ट किया। रोशनी देख बाघ गन्ने के खेत में चला गया। बुधवार सुबह आठ बजे बाघ देवीपुर बीट के कंपार्टमेंट नंबर एक जंगल के पास खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे कुठहरिया निवासी किसान के गन्ने में जा घुसा, जिसे देख मजदूरों में भगदड़ मच गई। शोर मचाने पर बाघ जंगल में चला गया।
सूचना पर बुधवार सुबह पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश कुमार, विनीत सिंह ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। वनकर्मियों ने बाघ के झाले में घुसने पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है। बताया कि बाघ के हमले से गन्ना छिलाई कर रहा किसान बाल बाल बच गया। वनकर्मियों ने एक नहीं तीन बाघ होने और उनसे सतर्क रहने की सलाह दी है। घटना की पुष्टि रेंजर बनारसीदास शाक्य ने भी की। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल का एरिया अधिक है, इस कारण बाघ आ रहे हैं। उन्हें छिपने के लिए गन्ना फसल अच्छा ठिकाना लग रहा है।