सरकारी गेहूं खरीद बंद हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन बिचौलियों के गेहूं खपाने का खेल अभी जारी है। एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने मंडी राजापुर से गेहूं लेकर एफसीआई के डिपो जा रहे ट्रक को रास्ते में पकड़ा है, जिसमें 150 क्विंटल (300 बोरी) गेहूं मिला है। बोरों पर स्टेंसिल (मार्का) सीतापुर जिले के तंबौर स्थित पीसीएफ के क्रय कें द्र का लगा है, जबकि ट्रक चालक से मंडी राजापुर स्थित डीसीडीएफ क्रय केन्द्र का चालान (टीडी स्लिप) मिला है। प्रारंभिक जांच में बिचौलियों का गेहूं होने की पुष्टि होने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश एआर कोऑपरेटिव मंगल सिंह को दिए हैं।
एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि रविवार की शाम को सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार को ट्रक पकड़ने के लिए लगाया गया। एलआरपी चौराहे के पास ट्रक को रोककर चेक किया, तो उसमें सरकारी बोरों (खाद्य एवं रसद विभाग) में भरा 300 बोरी गेहूं मिला। चालक के पास मिले कागज संदिग्ध होने पर ट्रक को एलआरपी चौकी पुलिस की सुपुर्दगी में देकर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय और मंडी सचिव संतोष कुमार से जांच कराई गई। दोनों अधिकारियों की जांच में चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आए हैं, जिससे आला अफसर भी हैरान रह गए। क्योंकि मंडी राजापुर से निकले ट्रक में लोड गेहूं के बोरों पर सीतापुर जिले के सरकारी क्रय केंद्र का मार्का मिला है। इससे एक बार फिर केन्द्र प्रभारी, बिचौलिए और एजेंसी के बीच संधि होने की बात पुख्ता हुई है।