छापामारी के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित
बिना रजिस्ट्रेशन वाले अस्पतालों और झोला छाप डाक्टरों के यहां पड़ेगा छापा
अमर उजाला में छपी खबर का असर
निघासन। अमर उजाला की खबरों को स्वास्थ्य महकमे ने गंभीरता से लेते हुए बिना रजिस्ट्रेशन चलने वाले अस्पतालों की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की है। मेडिकल स्टोरों पर भी छापा मारने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को भी टीम में शामिल किया गया है।
20 मई को अमर उजाला ने बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल और बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर की खबरों को प्रमुखता से छापा था। खबर का असर यह हुआ कि सीएमओ मनोज अग्रवाल ने एडिश्नल सीएमओ डॉक्टर अश्वनी, एसीएमओ बलवीर सिंह और ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या को क्षेत्र में चल रहे फर्जी अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों और बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापामारी के लिए टीम गठित की है। उधर लगातार छप रही खबरों से बौखलाए झोलाछाप डॉक्टरों ने सत्तापक्ष के नेताओं के यहां गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है। इसी क्रम में कस्बा समेत ढखेरवा के जम्हौरा रोड पर कफारा में तैनात एक फार्माशिष्ट अपनी क्लीनिक चला रहा है। आरोप है कि वह हाईड्रोसील, हार्निया, बवासीर, भगंदर आदि गंभीर बीमारियों का आपरेशन भी करता है। उसके आपरेशन से कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसी तरह से कस्बे के झंडी रोड पर एक अस्पताल चल रहा है। वहां पर वह अपने बेटे का सहारा लेकर आयुर्वेदिक दवाइयां लिखने का बोर्ड लगा रखा है, लेकिन वह अंग्रेजी दवाइयां लिख रहे हैं। पलिया रोड पर एक झोला छाप डॉक्टर ने हड्डी टूटने आदि को सही करने की गारंटी से इलाज कर रहे हैं। यदि टीम ने गहनता से जांच की तो क्षेत्र के बेलरायां, सिंगाही, तिकुनियां, ढखेरवा, झंडी, दुबहा, बम्हनपुर, रकेहटी, तारानगर, मूडा समेत करीब 50 क्नीनिक और 100 झोलाछाप डॉक्टर इलाज करते मिल सकते हैं।