महेवागंज। आवारा पशु कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। सदर तहसील क्षेत्र के गौरतारा भानपुर गांव में बुधवार सुबह आवारा पशुओं को लेकर दो गांवों के लोग आमने-सामने आ गए। बात बिगड़ती, इससे पहले पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को समझबुझा कर मामले को शांत कराया दिया।
हुआ यूं कि गौरतारा के लोग बुधवार सुबह करीब 30 आवारा पशुओं को हांककर इसी ग्राम पंचायत के लोधनपुरवा गांव के पास बन रहे पशु आश्रय केंद्र में छोड़ने जा रहे थे। यह देख पास के ही मजरा डिंगरपुरवा के लोगों ने इसका विरोध किया। डिंगरपुरवा के लोगों का कहना था कि गोशाला अभी निर्माणाधीन है। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया कि करीब 12 एकड़ में गोशाला का निर्माण हो रहा है। अभी न पिलर लगे हैं और न बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में छुट्टा पशु खेतों को नुकसान पहुचाएंगे, पर कुछ लोग पशुओं को वही छोड़ने पर आमादा थे। इसको लेकर दोनों गांव के लोग आमने-सामने आ गए। बात फैली तो आसपास के गांव से भी ग्रामीणों का हुजूम इकट्ठा हो गया। मारपीट की नौबत आती, इस बीच किसी ने पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी। मौके पर सदर तहसीलदार, खीरी थाना प्रभारी निरीक्षक और सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुच गई। भीड़ में शामिल कुछ शरारती युवक निर्माणाधीन गौशाला में जबरन पशु रखने का दबाव बनाने लगे। पुलिस ने समझाने की कोशिश की पर वह मानने को तैयार नहीं दिखे। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगदीश वर्मा मौके पर पहुंचे। चौकी प्रभारी पारस नाथ और प्रमुख ने दोनों पक्षों को समझयाबुझाया। तहसीलदार से जल्द गौशाला निर्माण का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण शांत हुए और पशु लेकर वापस लौट गए।
गौरतारा गांव के लोग तीस आवारा पशु हांककर लोधनपुरवा में बन रहे गोशाला में लाए थे। अभी गोशाला में बैरिकेडिंग नहीं लगी है। फसलों के नुकसान की बात कह डिंगरपुरवा व आसपास के गांव के लोगों ने विरोध किया था। गोशाला का निर्माण अविलंब कराने को कहा गया है। ग्रामीण को समझबुझा कर मामला शांत कराया दिया गया है।
अरुण कुमार सिंह एसडीएम, सदर